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जोगिंद्रनगर में आंधी तूफान से सड़क पर गिरे पेड़, 15 घंटों तक बिजली रही गुल
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जोगिंद्रनगर में आंधी तूफान से मिनी सचिवालय परिसर के नजदीक क्षतिग्रस्त तारों को दुरस्त करते बिज?
- फोटो : Mandi
जोगिंद्रनगर(मंडी)। जोगिंद्रनगर में मंगलवार देर रात अचानक आए तेज अंधड़ ने जमकर तबाही मचाई। मिनी सचिवालय परिसर के नजदीक पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए, इस कारण शहरी क्षेत्र के चार सौ उपभोक्ता बिजली सुविधा से वंचित रहे।
करीब 15 घंटों के बाद बिजली बहाल हो पाई। इस दौरान यहां पर सड़क किनारे पार्क वाहन भी क्षतिग्रस्त होने से बाल-बाल बचे। पेड़ गिरने से एक दीवार को भी नुकसान पहुंचा है। बिजली के दो पोल टूटने से हजारों रुपये की चपत बिजली बोर्ड को लगी है। तेज आंधी से शहर की ऊंची इमारतों की छतों पर रखा सामान भी उड़ गया। रामलीला मैदान में पठाखे की बिक्री के लिए लगाई गई अस्थाई दुकानें भी तूफान की भेंट चढ़ी।
हालांकि यहां पर अधिक नुकसान नहीं हुआ है। बिजली विभाग के सहायक अभियंता शिव कुमार ने बताया कि मंगलवार देर रात करीब साढ़े 11 बजे बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से तारें टूट गई। इस कारण शहरी क्षेत्र के करीब 400 उपभोक्ताओं को बिजली की सुविधा से महरूम रहना पड़ा। नुकसान की पुष्टि करते हुए उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने टूटे तारों को दुरुस्त कर बिजली सुविधा सुचारु की।
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विश्राम गृह मार्ग पर घंटों ठप रही वाहनों की आवाजाही
जोगिंद्रनगर शहर के अति विशिष्ट मार्ग विश्राम गृह की ओर जाने वाले सभी वाहनों की आवाजाही घंटों ठप रही। पेड़ गिरने से सड़क बाधित हो गई थी। इसे लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने बहाल करवाया। विभाग के सहायक अभियंता इंशात कुमार ने बताया कि उन्हें सुबह पेड़ गिरने की सूचना मिली, तभी लोक निर्माण विभाग के मजदूरों को सड़क बहाल करने के लिए भेजा गया।
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करीब 15 घंटों के बाद बिजली बहाल हो पाई। इस दौरान यहां पर सड़क किनारे पार्क वाहन भी क्षतिग्रस्त होने से बाल-बाल बचे। पेड़ गिरने से एक दीवार को भी नुकसान पहुंचा है। बिजली के दो पोल टूटने से हजारों रुपये की चपत बिजली बोर्ड को लगी है। तेज आंधी से शहर की ऊंची इमारतों की छतों पर रखा सामान भी उड़ गया। रामलीला मैदान में पठाखे की बिक्री के लिए लगाई गई अस्थाई दुकानें भी तूफान की भेंट चढ़ी।
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हालांकि यहां पर अधिक नुकसान नहीं हुआ है। बिजली विभाग के सहायक अभियंता शिव कुमार ने बताया कि मंगलवार देर रात करीब साढ़े 11 बजे बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से तारें टूट गई। इस कारण शहरी क्षेत्र के करीब 400 उपभोक्ताओं को बिजली की सुविधा से महरूम रहना पड़ा। नुकसान की पुष्टि करते हुए उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने टूटे तारों को दुरुस्त कर बिजली सुविधा सुचारु की।
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विश्राम गृह मार्ग पर घंटों ठप रही वाहनों की आवाजाही
जोगिंद्रनगर शहर के अति विशिष्ट मार्ग विश्राम गृह की ओर जाने वाले सभी वाहनों की आवाजाही घंटों ठप रही। पेड़ गिरने से सड़क बाधित हो गई थी। इसे लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने बहाल करवाया। विभाग के सहायक अभियंता इंशात कुमार ने बताया कि उन्हें सुबह पेड़ गिरने की सूचना मिली, तभी लोक निर्माण विभाग के मजदूरों को सड़क बहाल करने के लिए भेजा गया।