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Mandi News: प्रशिक्षुओं ने 100 सीटों को एसपीयू में शामिल करने की उठाई मांग
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मंडी कॉलेज के बीएड प्रशिक्षुओं ने मान्यता रद्द करने के निर्णय पर जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी के बीएड प्रशिक्षुओं ने हाल ही में कॉलेज की बीएड कोर्स की मान्यता रद्द करने की अधिसूचना पर गहरी चिंता व्यक्त की है और संबंधित प्राधिकरणों से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। प्रशिक्षुओं के अनुसार अचानक मान्यता रद्द होने की सूचना मिलने के बाद छात्रों में असमंजस और चिंता का माहौल है। अधिसूचना के अनुसार उन्हें दूसरे कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए कहा गया है, लेकिन इतने कम समय में नए कॉलेज की तलाश और प्रवेश प्रक्रिया पूरी करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण है, जिससे मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।छात्रों का यह भी कहना है कि वल्लभ राजकीय महाविद्यालय एक सरकारी संस्थान है, जहां फीस अपेक्षाकृत कम है। यदि उन्हें निजी कॉलेजों में जाना पड़ा तो अधिक फीस उनके लिए बड़ा आर्थिक बोझ बन जाएगी। बीएड प्रशिक्षुओं सेसे राम, अमित, तेजेंद्र, डिंपल, साहिल, नीतिका, सोनिका, रितिका कुमारी, परिक्षु, कृतिका, सुनील, तुषार, विनय, प्रभात, किरण, चांदनी, कल्पना, कृतिका गुलरिया, पुष्पराज और साक्षी सहित अन्य छात्रों ने एनसीटीई, सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी और प्रदेश सरकार से अपील की है कि इस मामले पर पुनर्विचार किया जाए। छात्रों का आग्रह है कि वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी में बीएड की कक्षाएं सुचारु रूप से जारी रहें और कॉलेज की 100 सीटों को सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में शामिल कर इसे सरकारी दर्जा प्रदान किया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई और भविष्य प्रभावित न हों।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी के बीएड प्रशिक्षुओं ने हाल ही में कॉलेज की बीएड कोर्स की मान्यता रद्द करने की अधिसूचना पर गहरी चिंता व्यक्त की है और संबंधित प्राधिकरणों से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। प्रशिक्षुओं के अनुसार अचानक मान्यता रद्द होने की सूचना मिलने के बाद छात्रों में असमंजस और चिंता का माहौल है। अधिसूचना के अनुसार उन्हें दूसरे कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए कहा गया है, लेकिन इतने कम समय में नए कॉलेज की तलाश और प्रवेश प्रक्रिया पूरी करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण है, जिससे मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।छात्रों का यह भी कहना है कि वल्लभ राजकीय महाविद्यालय एक सरकारी संस्थान है, जहां फीस अपेक्षाकृत कम है। यदि उन्हें निजी कॉलेजों में जाना पड़ा तो अधिक फीस उनके लिए बड़ा आर्थिक बोझ बन जाएगी। बीएड प्रशिक्षुओं सेसे राम, अमित, तेजेंद्र, डिंपल, साहिल, नीतिका, सोनिका, रितिका कुमारी, परिक्षु, कृतिका, सुनील, तुषार, विनय, प्रभात, किरण, चांदनी, कल्पना, कृतिका गुलरिया, पुष्पराज और साक्षी सहित अन्य छात्रों ने एनसीटीई, सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी और प्रदेश सरकार से अपील की है कि इस मामले पर पुनर्विचार किया जाए। छात्रों का आग्रह है कि वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी में बीएड की कक्षाएं सुचारु रूप से जारी रहें और कॉलेज की 100 सीटों को सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में शामिल कर इसे सरकारी दर्जा प्रदान किया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई और भविष्य प्रभावित न हों।