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Mandi News: प्रदोष काल व्यापिनी तिथि कल, ऐसे में कल ही मनाई जाएगी दीपावली
Sun, 19 Oct 2025 06:36 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 19 Oct 2025 06:36 AM IST
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मंडी। दीपावली हर साल कार्तिक अमावस्या पर मनाई जाती है। इस बार कार्तिक अमावस्या की तिथि 20 अक्तूबर को दोपहर 3:44 बजे से प्रारंभ होगी। तिथि का समापन अगले दिन यानी 21 अक्तूबर को शाम 5:54 बजे पर है। अब क्योंकि दीपावली पर लक्ष्मी पूजन सूर्यास्त के बाद किया जाता है, इसलिए 20 अक्तूबर 2025 को दीपावली का पर्व मान्य होगा। इस दिन देशभर में खुशियों के इस त्योहार को मनाया जाएगा।
नगवाईं के ज्योतिषाचार्य मनोज शर्मा ने बताया कि जिन शहरों में सूर्यास्त शाम 5:30 बजे से पहले होगा, उन शहरों में 21 अक्तूबर को दीपावली मनाई जा सकती है लेकिन जिन शहरों में सूर्यास्त शाम 5:30 बजे के बाद होगा, उनमें 20 अक्तूबर को ही दीपावली मनाना उचित होगा। साथ ही प्रदोष काल व्यापिनी तिथि 20 अक्तूबर को ही प्राप्त हो रही है, इसलिए 20 अक्तूबर को ही पूरे देश में दीपावली मनाना उचित माना जा रहा है।
उन्होंने बताया कि दीपावली को शाम 7:08 बजे से रात 8:18 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। इसके अलावा निशिता काल मुहूर्त रात 11ः41 से 12ः31 बजे तक रहेगा। इस वर्ष दीपावली के अवसर गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर करेंगे जिससे हंस राजयोग प्रभाव में आएगा। वहीं, सूर्य और बुध की युति तुला राशि में होने से बुधादित्य राजयोग बनेगा। वहीं तुला राशि में तीन ग्रहों की युति से त्रिग्रही योग का निर्माण भी होने जा रहा है।
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गोवर्धन पूजा और भाई दूज
गोवर्धन पूजा हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है, जिसे दीपावली के अगले दिन मनाया जाता है। इसे अन्नकूट पर्व भी कहते हैं। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 21 अक्तूबर को शाम 5:54 बजे होगी। इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 22 अक्तूबर को रात 8:16 बजे पर है। तिथि के मुताबिक साल 2025 में गोवर्धन पूजा का पर्व 22 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
इस वर्ष इस तिथि का प्रारंभ 22 अक्तूबर को रात 8:16 बजे पर होगा। इसका समापन 23 अक्तूबर को रात 10:46 बजे पर है। ऐसे में 23 अक्तूबर को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा।
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नगवाईं के ज्योतिषाचार्य मनोज शर्मा ने बताया कि जिन शहरों में सूर्यास्त शाम 5:30 बजे से पहले होगा, उन शहरों में 21 अक्तूबर को दीपावली मनाई जा सकती है लेकिन जिन शहरों में सूर्यास्त शाम 5:30 बजे के बाद होगा, उनमें 20 अक्तूबर को ही दीपावली मनाना उचित होगा। साथ ही प्रदोष काल व्यापिनी तिथि 20 अक्तूबर को ही प्राप्त हो रही है, इसलिए 20 अक्तूबर को ही पूरे देश में दीपावली मनाना उचित माना जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि दीपावली को शाम 7:08 बजे से रात 8:18 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। इसके अलावा निशिता काल मुहूर्त रात 11ः41 से 12ः31 बजे तक रहेगा। इस वर्ष दीपावली के अवसर गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर करेंगे जिससे हंस राजयोग प्रभाव में आएगा। वहीं, सूर्य और बुध की युति तुला राशि में होने से बुधादित्य राजयोग बनेगा। वहीं तुला राशि में तीन ग्रहों की युति से त्रिग्रही योग का निर्माण भी होने जा रहा है।
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गोवर्धन पूजा और भाई दूज
गोवर्धन पूजा हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है, जिसे दीपावली के अगले दिन मनाया जाता है। इसे अन्नकूट पर्व भी कहते हैं। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 21 अक्तूबर को शाम 5:54 बजे होगी। इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 22 अक्तूबर को रात 8:16 बजे पर है। तिथि के मुताबिक साल 2025 में गोवर्धन पूजा का पर्व 22 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
इस वर्ष इस तिथि का प्रारंभ 22 अक्तूबर को रात 8:16 बजे पर होगा। इसका समापन 23 अक्तूबर को रात 10:46 बजे पर है। ऐसे में 23 अक्तूबर को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा।