{"_id":"674a05731cca61bb8c0c8730","slug":"told-the-students-the-importance-of-herbs-mandi-news-c-90-1-mrt1064-141529-2024-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: विद्यार्थियों को बताया जड़ी-बूटियों का महत्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: विद्यार्थियों को बताया जड़ी-बूटियों का महत्व
विज्ञापन
थुनाग (मंडी)। डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय थुनाग ने अश्वगंधा जागरूकता अभियान के तहत कॉलेज स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। परियोजना को राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड की ओर सेे प्रायोजित किया गया।
कार्यक्रम के तहत अश्वगंधा के औषधीय और पोषण संबंधी महत्व को बढ़ावा देने के लिए बीएससी फॉरेस्ट्री के छात्रों के लिए भाषण प्रतियोगिता, पोस्टर निर्माण, निबंध लेखन और नारे लेखन जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. पीएल शर्मा मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के महत्व पर जोर दिया और कहा कि ऐसी गतिविधियां छात्रों को प्रकृति संरक्षण और औषधीय पौधों के महत्व को समझाने के लिए प्रेरित करती हैं।
परियोजना की सहायक प्रो डॉ. यूर्मिला कुमारी ने अश्वगंधा के स्वास्थ्य लाभों और इसके औषधीय उपयोगों पर प्रकाश डाला। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में इसकी खेती की संभावनाओं के बारे में मूल्यवान जानकारी प्रदान की और छात्रों को इसके व्यक्तिगत और आर्थिक लाभों के लिए इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागी छात्रों को स्मृति चिह्न और प्रमाण पत्र वितरित करने के साथ हुआ। इसके अलावा छात्रों और कर्मचारियों के बीच अश्वगंधा की पौध सामग्री भी वितरित की गई ताकि वे इसकी खेती में व्यावहारिक भागीदारी कर सकें। -संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम के तहत अश्वगंधा के औषधीय और पोषण संबंधी महत्व को बढ़ावा देने के लिए बीएससी फॉरेस्ट्री के छात्रों के लिए भाषण प्रतियोगिता, पोस्टर निर्माण, निबंध लेखन और नारे लेखन जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. पीएल शर्मा मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के महत्व पर जोर दिया और कहा कि ऐसी गतिविधियां छात्रों को प्रकृति संरक्षण और औषधीय पौधों के महत्व को समझाने के लिए प्रेरित करती हैं।
विज्ञापन
परियोजना की सहायक प्रो डॉ. यूर्मिला कुमारी ने अश्वगंधा के स्वास्थ्य लाभों और इसके औषधीय उपयोगों पर प्रकाश डाला। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में इसकी खेती की संभावनाओं के बारे में मूल्यवान जानकारी प्रदान की और छात्रों को इसके व्यक्तिगत और आर्थिक लाभों के लिए इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागी छात्रों को स्मृति चिह्न और प्रमाण पत्र वितरित करने के साथ हुआ। इसके अलावा छात्रों और कर्मचारियों के बीच अश्वगंधा की पौध सामग्री भी वितरित की गई ताकि वे इसकी खेती में व्यावहारिक भागीदारी कर सकें। -संवाद
विज्ञापन