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Mandi News: मंडी में बैंक ऋण वसूली के तीन मामले जिला न्यायाधीश मंडी की अदालत को भेजे
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वाणिज्यिक विवाद मानते हुए लाखों रुपये के मामलों की फाइलें स्थानांतरित
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। वरिष्ठ सिविल जज मंडी की अदालत में लंबित बैंक ऋण वसूली से जुड़े तीन मामलों को वाणिज्यिक विवाद मानते हुए जिला न्यायाधीश मंडी की अदालत को भेजने के आदेश दिए गए हैं।
पहला मामला केनरा बैंक (पूर्व में सिंडिकेट बैंक) की ओर से भीमा राम व एक अन्य के खिलाफ 16,22,761 रुपये की वसूली से संबंधित है। बैंक के अनुसार वर्ष 2015 में 15 लाख रुपये का गृह ऋण लिया गया था, लेकिन किस्तों का भुगतान न होने पर वर्ष 2020 में वसूली का मुकदमा दायर किया गया।
दूसरा मामला पंजाब नेशनल बैंक द्वारा रमेश कुमार व एक अन्य के खिलाफ 13,39,627.85 रुपये की वसूली से जुड़ा है। इसमें वर्ष 2016 में 10 लाख रुपये का होम लोन लिया गया था, जो बाद में अनियमित हो गया।
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वहीं तीसरा मामला आईसीआईसीआई बैंक की ओर से बंसी लाल के खिलाफ 5,68,766 रुपये की वसूली से संबंधित है। इसमें वर्ष 2021 में छह लाख रुपये का वाहन ऋण लिया गया था। अदालत ने कहा कि बैंक लेन-देन से जुड़े विवाद वाणिज्यिक श्रेणी में आते हैं। राज्य सरकार की 18 अगस्त 2025 की अधिसूचना के अनुसार ऐसे मामलों की सुनवाई अब जिला जज स्तर के वाणिज्यिक न्यायालय में होगी, इसलिए तीनों मामलों की फाइलें वहां भेजी गई हैं।
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मंडी। वरिष्ठ सिविल जज मंडी की अदालत में लंबित बैंक ऋण वसूली से जुड़े तीन मामलों को वाणिज्यिक विवाद मानते हुए जिला न्यायाधीश मंडी की अदालत को भेजने के आदेश दिए गए हैं।
पहला मामला केनरा बैंक (पूर्व में सिंडिकेट बैंक) की ओर से भीमा राम व एक अन्य के खिलाफ 16,22,761 रुपये की वसूली से संबंधित है। बैंक के अनुसार वर्ष 2015 में 15 लाख रुपये का गृह ऋण लिया गया था, लेकिन किस्तों का भुगतान न होने पर वर्ष 2020 में वसूली का मुकदमा दायर किया गया।
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दूसरा मामला पंजाब नेशनल बैंक द्वारा रमेश कुमार व एक अन्य के खिलाफ 13,39,627.85 रुपये की वसूली से जुड़ा है। इसमें वर्ष 2016 में 10 लाख रुपये का होम लोन लिया गया था, जो बाद में अनियमित हो गया।
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वहीं तीसरा मामला आईसीआईसीआई बैंक की ओर से बंसी लाल के खिलाफ 5,68,766 रुपये की वसूली से संबंधित है। इसमें वर्ष 2021 में छह लाख रुपये का वाहन ऋण लिया गया था। अदालत ने कहा कि बैंक लेन-देन से जुड़े विवाद वाणिज्यिक श्रेणी में आते हैं। राज्य सरकार की 18 अगस्त 2025 की अधिसूचना के अनुसार ऐसे मामलों की सुनवाई अब जिला जज स्तर के वाणिज्यिक न्यायालय में होगी, इसलिए तीनों मामलों की फाइलें वहां भेजी गई हैं।