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Mandi News: अस्पताल में जरूरी दवाइयां नहीं, मरीज बाहर से खरीदने को मजबूर

Sat, 11 Nov 2023 11:47 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Nov 2023 11:47 PM IST
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There is no necessary medicine in the hospital, patients are forced to buy it from outside.
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल में लचर प्रबंधन से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के रोगी वार्डों में दाखिल मरीजों को निशुल्क दवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मजीज निजी मेडिकल स्टोरों से दवाइयां खरीदने को मजबूर हैं। आपातकालीन वार्ड में पहले ही जीवन रक्षक दवाओं का संकट पहले से था। अब रोगी वार्डों में उपचाराधीन मरीजों को भी चिकित्सकों की ओर से लिखी दवाइयां निशुल्क न मिलने से निर्धन परिवाराें का मर्ज बढ़ गया है।हैरत की बात है कि ऐसेंशियल सर्विस में शामिल दवाओं का भी सौ बिस्तरों वाले अस्पताल में अभाव है, जबकि ग्लूकोज, आईबी सेट का भी संकट उपमंडलीय अस्पताल में बन चुका है। रोजाना तीन सौ से अधिक ओपीडी वाले उपमंडलीय अस्पताल की इस दुर्दशा से मध्यम वर्गीय परिवार के मरीजों को निजी क्लिनिकों की तर्ज पर शुल्क चुकाने पड़ रहे हैं।
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बता दें कि सर्द मौसम में स्थानीय अस्पताल में हर रोज तेज बुखार से ग्रस्त मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिन्हें ओपीडी पर स्वास्थ्य जांच की सुविधा तो मिल पा रही है, लेकिन अधिक तेज बुखार वाले मरीजों को जब रोगी वार्डों में दाखिल करना पड़ रहा है तो यहां पर दवा, इंजेक्शन की खरीदारी को लेकर प्रत्येक मरीज को एक हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। अस्पताल में दवा, इंजेक्शन का अभाव है।
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उधर, जोगिंद्रनगर के एसएमओ डाॅ. रोशन लाल कौंडल ने दावा किया है कि वे जल्द ही अस्पताल में दवाओं के भंडार को पूरा करेंगे। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन से दवाओं की कमी की रिपोर्ट हासिल कर जिला स्वास्थ्य विभाग को भेजी जा चुकी है।
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केस स्टडी एक
जोगिंद्रनगर अस्पताल में तेज बुखार से ग्रस्त महिला मरीज गुड्डी देवी को भी दवा और इंजेक्शन के लिए निजी क्लीनिकों में एक हजार रुपये से अधिक का शुल्क चुकाना पड़ा। वे दो दिनों से अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल थी।

केस स्टडी दो
टांग में फ्रेक्चर होने से आशुतोष को स्थानीय अस्पताल में उपचार न मिलने पर बैजनाथ रेफर करवाना पड़ा। हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी के चलते हर रोज मरीजों की टांडा और मंडी स्थित अस्पतालों में दौड़ लग रही है।
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