{"_id":"686038e9208acbe71d05d5b4","slug":"there-is-a-lot-of-mismanagement-in-gohar-hospital-facilities-are-not-available-mandi-news-c-90-1-ssml1045-160686-2025-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: गोहर अस्पताल में अव्यवस्थाओं का अंबार, नहीं मिल रही सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: गोहर अस्पताल में अव्यवस्थाओं का अंबार, नहीं मिल रही सुविधाएं
Sun, 29 Jun 2025 12:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 29 Jun 2025 12:18 AM IST
विज्ञापन
गोहर (मंडी)। कागजों में 50 बिस्तरों वाला सिविल अस्पताल गोहर आज भी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है। अस्पताल भवन की जर्जर हालत, डॉक्टरों और तकनीकी स्टाफ की कमी तथा आवश्यक उपकरणों के अभाव ने इसे मरीजों के लिए असुविधाजनक बना दिया है। बारिश के दिनों में अस्पताल की छत से टपकता पानी, भीगी दीवारें और गीले फर्श मरीजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक के निदेशक व वरिष्ठ कांग्रेस नेता लाल सिंह कौशल ने सिविल अस्पताल गोहर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में अव्यवस्थाओं को गंभीरता से लिया। उन्होंने अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उन्हें फल वितरित किए। निरीक्षण के दौरान उन्हें पता चला कि अस्पताल में 9 डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं जिनमें स्त्री रोग, बाल रोग, शल्य चिकित्सा, नेत्र रोग व दंत चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हैं, लेकिन एमडी मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक सर्जन जैसे अत्यंत आवश्यक पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं। साथ ही ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट व अन्य तकनीकी स्टाफ की भी कमी है, जिससे समुचित इलाज में बाधा उत्पन्न हो रही है।
अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार ने कौशल को अस्पताल में मौजूद खामियों से अवगत करवाया। इस पर कौशल ने आश्वासन दिया कि वे अस्पताल की समस्याओं को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएंगे और शीघ्र समाधान के लिए ठोस प्रयास करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश को-ऑपरेटिव बैंक के निदेशक व वरिष्ठ कांग्रेस नेता लाल सिंह कौशल ने सिविल अस्पताल गोहर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में अव्यवस्थाओं को गंभीरता से लिया। उन्होंने अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उन्हें फल वितरित किए। निरीक्षण के दौरान उन्हें पता चला कि अस्पताल में 9 डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं जिनमें स्त्री रोग, बाल रोग, शल्य चिकित्सा, नेत्र रोग व दंत चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हैं, लेकिन एमडी मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक सर्जन जैसे अत्यंत आवश्यक पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं। साथ ही ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट व अन्य तकनीकी स्टाफ की भी कमी है, जिससे समुचित इलाज में बाधा उत्पन्न हो रही है।
विज्ञापन
अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार ने कौशल को अस्पताल में मौजूद खामियों से अवगत करवाया। इस पर कौशल ने आश्वासन दिया कि वे अस्पताल की समस्याओं को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएंगे और शीघ्र समाधान के लिए ठोस प्रयास करेंगे।
विज्ञापन