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Mandi News: सात लीटर दूध से शुरू हुई सभा ने बदली किसानों की तकदीर

Tue, 01 Apr 2025 12:06 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Apr 2025 12:06 AM IST
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The meeting that started with seven liters of milk changed the fate of the farmers
महिला दुग्ध उत्पादक एवं क्रय विक्रय सहकारी सभा समिति (घुमराला) जरोल में दूध बेचने आते ग्रामीण ।
थुनाग (मंडी)। सात लीटर दूध से शुरू हुई सहकारी सभा घुमराला ने किसानों की तकदीर बदल दी है। अब प्रतिदिन सभा करीब 300 लीटर दूध एकत्रित कर रही है। इसे चक्कर स्थित मिल्कफेड के प्लांट भेजा जा रहा है।
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सफेद क्रांति ने किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ की है। महिला दुग्ध उत्पादक एवं क्रय विक्रय सहकारी सभा समिति घुमराला, जरोल के सचिव सुशील कुमार ने बताया कि साल 2003 में गांव के कुछ लोगों के सहयोग से घुमराला महिला दुग्ध उत्पादक क्रय एवं विक्रय सहकारी सभा समिति का गठन किया।
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पहले दिन मात्र 7 लीटर दूध एकत्रित किया गया। समिति ने कार्य करना निरंतर जारी रखा और आज यह सहकारी सभा सराज विस क्षेत्र में दुग्ध उत्पादक के रूप में बेहतरीन कार्य कर रही है। सहकारी सभा के प्रधान कल्याण सिंह, दुर्गी देवी निवासी चापड, शयाणु राम निवासी चापड, नैणी देवी गांव बजौण उप प्रधान कंपा देवी, सदस्य हेमलता का कहना है कि उनकी गाय के दूध में फैट की मात्रा काफी बेहतर पाई गई।
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इससे उन्हें आज भी प्रति लीटर दूध के सहकारी समिति में 58 से 60 रुपये प्राप्त होते हैं। सहकारी सभा में लगभग सात से आठ किलोमीटर दूर से लोग दूध लाते हैं। सहकारी सभा अभी तक 824 पशुपालकों को अपने साथ जोड़कर लाभ प्रदान कर चुकी है। बीते वर्ष घुमराला दुग्ध सहकारी सभा की ओर से तीन लाख लीटर से अधिक दूध इकट्ठा किया गया, जिसका मूल्य 1.30 करोड़ रुपये के लगभग होता है। सहकारी सभा की अभी तक कुल बिक्री आय तीन करोड़ रुपये से अधिक हो जाती है।

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पनीर, खोआ, घी, दही, कुल्फी भी बनाई जा रही
सभा समिति की ओर से केंद्र में पनीर, खोआ, घी, दही, कुल्फी भी बनाना आरंभ कर दिए हैं, ताकि दुग्ध केंद्र और बेहतरी से कार्य करे और केंद्र की आय में भी वृद्धि हो। सभा समिति ने लाभांश का आवंटन सदस्यों में करने के साथ ही प्रस्ताव के माध्यम से 40 हजार रुपये सभा समिति के पास नकद में रखे जाते हैं ताकि किसी किसान दुग्ध उत्पादक को जरूरत पड़ने पर उसकी मदद की जा सके।
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