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Mandi News: किसान सम्मेलन में बसों और स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा गरमाया
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सेवानिवृत्त प्रिंसिपल भोलादत्त कश्यप ने मुखर होकर उठाई क्षेत्र की समस्याएं
कहा, ग्रामीण रूटों पर पर्याप्त बसें न होने से विद्यार्थी, कर्मचारी झेल रहे दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (मंडी)। हिमाचल किसान सभा के धर्मपुर खंड सम्मेलन में रविवार को क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा हुई। परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवाओं की कमी तथा स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाइयों और जांच सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई।
सेवानिवृत्त स्कूल प्रिंसिपल भोलादत्त कश्यप ने कहा कि कई ग्रामीण रूटों पर पर्याप्त बसें न होने से विद्यार्थियों, कर्मचारियों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को परेशानी हो रही है। उन्होंने बंद या प्रभावित बस रूटों को बहाल करने और जरूरत के अनुसार नए रूट शुरू करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को मंडी, हमीरपुर और शिमला जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे गरीब और मध्यवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। सम्मेलन में सरकार से परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए समयबद्ध योजना बनाने की मांग की गई। सम्मेलन में किसानों, मजदूरों और ग्रामीण जनता से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई तथा समस्याओं को सरकार और संबंधित विभागों के समक्ष प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया गया।
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कहा, ग्रामीण रूटों पर पर्याप्त बसें न होने से विद्यार्थी, कर्मचारी झेल रहे दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (मंडी)। हिमाचल किसान सभा के धर्मपुर खंड सम्मेलन में रविवार को क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा हुई। परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवाओं की कमी तथा स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाइयों और जांच सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई।
सेवानिवृत्त स्कूल प्रिंसिपल भोलादत्त कश्यप ने कहा कि कई ग्रामीण रूटों पर पर्याप्त बसें न होने से विद्यार्थियों, कर्मचारियों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को परेशानी हो रही है। उन्होंने बंद या प्रभावित बस रूटों को बहाल करने और जरूरत के अनुसार नए रूट शुरू करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को मंडी, हमीरपुर और शिमला जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे गरीब और मध्यवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। सम्मेलन में सरकार से परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए समयबद्ध योजना बनाने की मांग की गई। सम्मेलन में किसानों, मजदूरों और ग्रामीण जनता से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई तथा समस्याओं को सरकार और संबंधित विभागों के समक्ष प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया गया।
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