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Mandi News: जमीन के फेर में फंसीं गरीबों की उम्मीदें
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चार साल बीते, अब तक नसीब नहीं हुआ अपना आशियाना
नगर निगम के 110 भूमिहीन परिवारों ने किया है आवेदन
2.50 लाख की सरकारी मदद भी बेअसर, 12 लाख में 2 बीएचके देने की थी योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के 110 भूमिहीन परिवार पिछले चार वर्षों से अपने सपनों के आशियाने का इंतजार कर रहे हैं। बेघर और जरूरतमंद लोगों को छत मुहैया कराने के लिए शुरू की गई अफोर्डेबल हाउसिंग योजना जमीन के अभाव में अब तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। नगर निगम प्रशासन अभी भी उपयुक्त जमीन तलाशने में जुटा है।
योजना के तहत भूमिहीन परिवारों को करीब 12 लाख रुपये की लागत से 2 बीएचके फ्लैट दिए जाने थे। सरकार की ओर से 2.50 लाख रुपये की सहायता राशि और शेष राशि के लिए आसान किस्तों में बैंक ऋण की सुविधा नगर निगम के माध्यम से उपलब्ध करवाने का प्रावधान था। योजना के तहत एक सुव्यवस्थित कॉलोनी विकसित की जानी है। योजना के लिए आवेदन करने वाले 110 परिवारों को उम्मीद थी कि उन्हें जल्द पक्का घर मिलेगा लेकिन पिछले चार वर्षों में निगम उपयुक्त जमीन का चयन नहीं कर पाया। जमीन फाइनल न होने से निर्माण कार्य भी शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में आवेदक आज भी अपने पक्के घर की राह देख रहे हैं।
बॉक्स
जमीन की तकनीकी जांच जारी
भूमिहीन परिवारों के लिए कॉलोनी बनाने को मर्ज एरिया में जमीन देखी जा रही है। चयनित जमीनों की छानबीन और तकनीकी जांच जारी है। उपयुक्त साइट फाइनल होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। -सुमन ठाकुर, महापौर, नगर निगम मंडी
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नगर निगम के 110 भूमिहीन परिवारों ने किया है आवेदन
2.50 लाख की सरकारी मदद भी बेअसर, 12 लाख में 2 बीएचके देने की थी योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के 110 भूमिहीन परिवार पिछले चार वर्षों से अपने सपनों के आशियाने का इंतजार कर रहे हैं। बेघर और जरूरतमंद लोगों को छत मुहैया कराने के लिए शुरू की गई अफोर्डेबल हाउसिंग योजना जमीन के अभाव में अब तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। नगर निगम प्रशासन अभी भी उपयुक्त जमीन तलाशने में जुटा है।
योजना के तहत भूमिहीन परिवारों को करीब 12 लाख रुपये की लागत से 2 बीएचके फ्लैट दिए जाने थे। सरकार की ओर से 2.50 लाख रुपये की सहायता राशि और शेष राशि के लिए आसान किस्तों में बैंक ऋण की सुविधा नगर निगम के माध्यम से उपलब्ध करवाने का प्रावधान था। योजना के तहत एक सुव्यवस्थित कॉलोनी विकसित की जानी है। योजना के लिए आवेदन करने वाले 110 परिवारों को उम्मीद थी कि उन्हें जल्द पक्का घर मिलेगा लेकिन पिछले चार वर्षों में निगम उपयुक्त जमीन का चयन नहीं कर पाया। जमीन फाइनल न होने से निर्माण कार्य भी शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में आवेदक आज भी अपने पक्के घर की राह देख रहे हैं।
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जमीन की तकनीकी जांच जारी
भूमिहीन परिवारों के लिए कॉलोनी बनाने को मर्ज एरिया में जमीन देखी जा रही है। चयनित जमीनों की छानबीन और तकनीकी जांच जारी है। उपयुक्त साइट फाइनल होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। -सुमन ठाकुर, महापौर, नगर निगम मंडी
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