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Mandi News: जंगलों से अवैध कब्जे हटाने के लिए वन विभाग तैयार करेगा अपनी स्पेशल टीम
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अब फाइलें नहीं अटकेंगी, मंडी वन सर्किल में नियुक्त होंगे सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारी
अतिक्रमण पर अब 24 घंटे में होगी त्वरित कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। वनों को भू-माफिया और अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए वन विभाग ने मंडी वन सर्किल में बड़ा फैसला लिया है। अब विभाग अपनी अलग राजस्व विंग बनाएगा, ताकि जमीन की पैमाइश और निशानदेही के लिए राजस्व विभाग पर निर्भरता खत्म हो सके। इसके लिए सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारियों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। एक नायब तहसीलदार, तीन कानूनगो और पांच पटवारी पद भरे जाएंगे। आवेदन 18 जुलाई तक जमा करने होंगे और अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष तय की गई है। यह नियुक्ति एक वर्ष के लिए अस्थायी होगी। अब तक राजस्व विभाग पर निर्भरता के कारण अतिक्रमण मामलों की जांच में देरी होती थी, जिससे अवैध निर्माण बढ़ जाते थे। नई व्यवस्था में वन विभाग के पास अपने अधिकारी होंगे, जो मौके पर तुरंत निशानदेही कर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे और अदालतों में लंबित मामलों की प्रक्रिया भी तेज करेंगे। डीएफओ नाचन एसएस कश्यप ने बताया कि इन सेवानिवृत्त अधिकारियों की मुख्य जिम्मेदारी मंडी वन सर्किल के तहत आने वाले जोगिंद्रनगर, मंडी, सुकेत, नाचन और करसोग वन प्रभागों में लंबित पड़े जमीन विवादों को सुलझाना होगा।
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अतिक्रमण पर अब 24 घंटे में होगी त्वरित कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। वनों को भू-माफिया और अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए वन विभाग ने मंडी वन सर्किल में बड़ा फैसला लिया है। अब विभाग अपनी अलग राजस्व विंग बनाएगा, ताकि जमीन की पैमाइश और निशानदेही के लिए राजस्व विभाग पर निर्भरता खत्म हो सके। इसके लिए सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारियों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। एक नायब तहसीलदार, तीन कानूनगो और पांच पटवारी पद भरे जाएंगे। आवेदन 18 जुलाई तक जमा करने होंगे और अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष तय की गई है। यह नियुक्ति एक वर्ष के लिए अस्थायी होगी। अब तक राजस्व विभाग पर निर्भरता के कारण अतिक्रमण मामलों की जांच में देरी होती थी, जिससे अवैध निर्माण बढ़ जाते थे। नई व्यवस्था में वन विभाग के पास अपने अधिकारी होंगे, जो मौके पर तुरंत निशानदेही कर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे और अदालतों में लंबित मामलों की प्रक्रिया भी तेज करेंगे। डीएफओ नाचन एसएस कश्यप ने बताया कि इन सेवानिवृत्त अधिकारियों की मुख्य जिम्मेदारी मंडी वन सर्किल के तहत आने वाले जोगिंद्रनगर, मंडी, सुकेत, नाचन और करसोग वन प्रभागों में लंबित पड़े जमीन विवादों को सुलझाना होगा।