{"_id":"6956c4a245c58987100e0315","slug":"the-fat-content-in-the-desi-ghee-sample-was-found-to-be-low-mandi-news-c-90-1-ssml1045-181226-2026-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: देसी घी के सैंपल में वसा की मात्रा निकली कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: देसी घी के सैंपल में वसा की मात्रा निकली कम
Fri, 02 Jan 2026 12:31 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Fri, 02 Jan 2026 12:31 AM IST
विज्ञापन
मंडी। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग मंडी की ओर से भरे गए रोजमर्रा के उपयोग में आने वाले खाद्य पदार्थों के पांच सैंपल मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं।
नेरचौक क्षेत्र से भरा देसी घी के सैंपल लैब रिपोर्ट में सब स्टैंडर्ड के साथ मिसब्रांडेड बताया गया है। विभाग सभी पांच मामलों में नोटिस भेेजेगा।
लैब जांच रिपोर्ट में देसी घी, सोयाबीन ऑयल और साबूदाना जैसे उत्पादों को मिसब्रांडेड बताया गया है। जांच के दौरान देसी घी के सैंपल में फैट कंटेंट निर्धारित मानक से कम पाया गया। घी में न्यूनतम 99.5 प्रतिशत फैट होना चाहिए। वहीं जांच में यह मात्र 95 प्रतिशत पाया गया।
इसके साथ ही उत्पाद के पैकेट के बाहर आवश्यक जानकारियां अंकित नहीं थीं। इस आधार पर इसे मिसब्रांडेड और सब-स्टैंडर्ड घोषित किया गया।
इसके अलावा पधर से भरे गए सोयाबीन ऑयल व इमली का सैंपल भी मानकों पर खरा नहीं उतरे। पैकेट के बाहर पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। लैब रिपोर्ट में दोनों ही सैंपल खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए और इन्हें मिसब्रांडेड श्रेणी में रखा गया।
नगवाईं से भरा पैकेट बंद साबूदाना व इमली का सैंपल भी जांच में मिसब्रांडेड बताया गया है। उत्पाद के पैकेट पर अनिवार्य जानकारी अंकित नहीं थी, जिससे उपभोक्ताओं को भ्रमित करने की आशंका जताई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
नेरचौक क्षेत्र से भरा देसी घी के सैंपल लैब रिपोर्ट में सब स्टैंडर्ड के साथ मिसब्रांडेड बताया गया है। विभाग सभी पांच मामलों में नोटिस भेेजेगा।
लैब जांच रिपोर्ट में देसी घी, सोयाबीन ऑयल और साबूदाना जैसे उत्पादों को मिसब्रांडेड बताया गया है। जांच के दौरान देसी घी के सैंपल में फैट कंटेंट निर्धारित मानक से कम पाया गया। घी में न्यूनतम 99.5 प्रतिशत फैट होना चाहिए। वहीं जांच में यह मात्र 95 प्रतिशत पाया गया।
इसके साथ ही उत्पाद के पैकेट के बाहर आवश्यक जानकारियां अंकित नहीं थीं। इस आधार पर इसे मिसब्रांडेड और सब-स्टैंडर्ड घोषित किया गया।
इसके अलावा पधर से भरे गए सोयाबीन ऑयल व इमली का सैंपल भी मानकों पर खरा नहीं उतरे। पैकेट के बाहर पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। लैब रिपोर्ट में दोनों ही सैंपल खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए और इन्हें मिसब्रांडेड श्रेणी में रखा गया।
विज्ञापन
नगवाईं से भरा पैकेट बंद साबूदाना व इमली का सैंपल भी जांच में मिसब्रांडेड बताया गया है। उत्पाद के पैकेट पर अनिवार्य जानकारी अंकित नहीं थी, जिससे उपभोक्ताओं को भ्रमित करने की आशंका जताई गई।
विज्ञापन