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चेक बाउंस मामले में दोषी को छह महीने का सजा
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मंडी। मंडी के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजेंद्र कुमार ने चेक बाउंस के एक मामले में दोषी को 6 महीने की साधारण कैद और 15 लाख रुपये मुआवजा अदा करने की सजा सुनाई। एडवोकेट महेश चोपड़ा ने बताया कि यह मामला मंडी के यूनियन बैंक आफ इंडिया के प्रबंधन की ओर से दर्ज किया गया था।
नरेंद्र शर्मा 331-11 टारना हिल्स मंडी ने बैंक से लोन लिया था। उसकी देनदारी जब 10 लाख हो गई तो बैंक ने पैसा वापस करने का दबाव बनाया। नरेंद्र ने बैंक को 27 दिसंबर 2014 को दस लाख का चेक दे दिया। यह चेक बाउंस हो गया।
मामला एडवोकेट महेश चोपड़ा के माध्यम से अदालत में दायर किया गया। मामले में सुनवाई में गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने पाया कि दोषी ने जानबूझ खाते में पैसा न होने पर भी चेक जारी कर दिया। अदालत ने उसे दोषी करार दिया और 6 महीने की साधारण कैद और 15 लाख रुपये मुआवजा भरने की सजा सुनाई। मुआवजा अदा करने में विफल रहने पर उसे डेढ़ महीने की और सजा भुगतनी होगी।
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यह भी आदेश दिया कि ट्रायल के दौरान यदि दोषी ने कोई सजा भुगत ली है तो वह इसमें से कम की जाए। संवाद
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नरेंद्र शर्मा 331-11 टारना हिल्स मंडी ने बैंक से लोन लिया था। उसकी देनदारी जब 10 लाख हो गई तो बैंक ने पैसा वापस करने का दबाव बनाया। नरेंद्र ने बैंक को 27 दिसंबर 2014 को दस लाख का चेक दे दिया। यह चेक बाउंस हो गया।
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मामला एडवोकेट महेश चोपड़ा के माध्यम से अदालत में दायर किया गया। मामले में सुनवाई में गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने पाया कि दोषी ने जानबूझ खाते में पैसा न होने पर भी चेक जारी कर दिया। अदालत ने उसे दोषी करार दिया और 6 महीने की साधारण कैद और 15 लाख रुपये मुआवजा भरने की सजा सुनाई। मुआवजा अदा करने में विफल रहने पर उसे डेढ़ महीने की और सजा भुगतनी होगी।
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यह भी आदेश दिया कि ट्रायल के दौरान यदि दोषी ने कोई सजा भुगत ली है तो वह इसमें से कम की जाए। संवाद