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Mandi News: पीठ पर सड़क का बोझ, आफत में जान
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धर्मपुर (मंडी)। ग्राम पंचायत बिंगा की विशेष बस्ती के ग्रामीणों की जान पर सड़क का अभाव भारी पड़ रहा है। गांव के लिए सड़क न होने से मरीजों को आज भी पीठ या पालकी में उठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। देरी होने पर जान पर बन आती है। समय पर उपचार न मिल पाने के कारण गांव के पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
अनुसूचित जाति बस्ती के करीब 18 परिवारों के लगभग 65 सदस्य आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीणों के अनुसार पूर्व सरकार के कार्यकाल में इस बस्ती को जोड़ने के लिए सड़क निर्माण शुरू हुआ था। नाले पर पुल के लिए बैली ब्रिज का सामान भी पहुंच गया था। चुनाव होने और सरकार बदलने के बाद काम बंद हो गया। अब तीन सालोें से कार्य अधूरा पड़ा है।
गांववासियों रोशनलाल, राजेश कुमार, रमेश, सुखराम, नरेश, विनोद, प्रमोद, कुलदीप, भागी राम आदि ने बताया कि उन्हें केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया है। बस्ती की निवासी ब्यासां, रामदेई, कलां और रूमा लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार हैं, जिन्हें सड़क न होने के कारण भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क पर लोक निर्माण विभाग की ओर से लगभग 20 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जिससे बिंगा से दलित बस्ती और चंबी गांव से बिंगा दलित बस्ती को जोड़ा जाना है। ग्रामीणों का आरोप है कि चंबी गांव की ओर समतल जमीन होने के बावजूद दो लोगों ने काम रुकवा दिया। अधूरे सड़क कार्य के कारण उनके घर ढांक (पहाड़ी) पर लटक गए हैं, जो बरसात में कभी भी ढह सकते हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और विधायक चंद्रशेखर से मांग की है कि सड़क का निर्माण जल्द पूरा करवाया जाए।
उधर, पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने भी ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यदि एक माह के भीतर काम शुरू नहीं हुआ तो वह ग्रामीणों के साथ मिलकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
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जल्द ही मौका कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई जाएगी।
-घनश्याम, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग उपमंडल मढ़ी
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अनुसूचित जाति बस्ती के करीब 18 परिवारों के लगभग 65 सदस्य आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीणों के अनुसार पूर्व सरकार के कार्यकाल में इस बस्ती को जोड़ने के लिए सड़क निर्माण शुरू हुआ था। नाले पर पुल के लिए बैली ब्रिज का सामान भी पहुंच गया था। चुनाव होने और सरकार बदलने के बाद काम बंद हो गया। अब तीन सालोें से कार्य अधूरा पड़ा है।
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गांववासियों रोशनलाल, राजेश कुमार, रमेश, सुखराम, नरेश, विनोद, प्रमोद, कुलदीप, भागी राम आदि ने बताया कि उन्हें केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया है। बस्ती की निवासी ब्यासां, रामदेई, कलां और रूमा लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार हैं, जिन्हें सड़क न होने के कारण भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क पर लोक निर्माण विभाग की ओर से लगभग 20 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जिससे बिंगा से दलित बस्ती और चंबी गांव से बिंगा दलित बस्ती को जोड़ा जाना है। ग्रामीणों का आरोप है कि चंबी गांव की ओर समतल जमीन होने के बावजूद दो लोगों ने काम रुकवा दिया। अधूरे सड़क कार्य के कारण उनके घर ढांक (पहाड़ी) पर लटक गए हैं, जो बरसात में कभी भी ढह सकते हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और विधायक चंद्रशेखर से मांग की है कि सड़क का निर्माण जल्द पूरा करवाया जाए।
उधर, पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने भी ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यदि एक माह के भीतर काम शुरू नहीं हुआ तो वह ग्रामीणों के साथ मिलकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
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जल्द ही मौका कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई जाएगी।
-घनश्याम, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग उपमंडल मढ़ी
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