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Mandi News: देवता चुंजवाला और ऋषि मार्कंडेय के आगमन से बालीचौकी मेला शुरू
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देव धुनों के साथ निकाली भव्य शोभा यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
बालीचौकी (मंडी)। पांच दिवसीय जिला स्तरीय बालीचौकी मेले का भव्य शुभारंभ क्षेत्र के आराध्य देवता चुंजवाला और ऋषि मार्कंडेय के देवरथों के आगमन के साथ हुआ। दोपहर बाद देवताओं के देवरथ अपने पारंपरिक वाद्य यंत्रों, कारदारों और लाव-लश्कर के साथ सारस गांव से होते हुए मेला मैदान पहुंचे। आराध्य देवता चुंजवाला और ऋषि मार्कंडेय के देव रथों की अगुवाई में भव्य जलेब निकाली गई। इसमें सैकड़ों देवलु पारंपरिक धुनों पर नाचते-झूमते हुए तहसील मुख्यालय के बाजार से गुजरे। जलेब में देवताओं के कारदारों, सभी हारियानों के देवलुओं के साथ-साथ स्थानीय युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। बाजार में जगह-जगह महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने फूल-मालाओं के साथ देव रथों का भव्य स्वागत किया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर पूरा बालीचौकी बाजार देव-ध्वनि और जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद यह पारंपरिक जलेब बालीचौकी बाजार से होते हुए मुख्य मेला ग्राउंड पहुंची, जिसके साथ ही पांच दिवसीय जिला स्तरीय उत्सव का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
इस दौरान देवताओं के देवलुओं ने मैदान में सराजी नाटी का आयोजन भी किया। देवता के कारदार बुधे राम ने बताया कि आराध्य देव चुंजवाला व ऋषि मार्कंडेय का इस मेले में प्राचीन काल से ही विशेष और महत्वपूर्ण स्थान रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बालीचौकी (मंडी)। पांच दिवसीय जिला स्तरीय बालीचौकी मेले का भव्य शुभारंभ क्षेत्र के आराध्य देवता चुंजवाला और ऋषि मार्कंडेय के देवरथों के आगमन के साथ हुआ। दोपहर बाद देवताओं के देवरथ अपने पारंपरिक वाद्य यंत्रों, कारदारों और लाव-लश्कर के साथ सारस गांव से होते हुए मेला मैदान पहुंचे। आराध्य देवता चुंजवाला और ऋषि मार्कंडेय के देव रथों की अगुवाई में भव्य जलेब निकाली गई। इसमें सैकड़ों देवलु पारंपरिक धुनों पर नाचते-झूमते हुए तहसील मुख्यालय के बाजार से गुजरे। जलेब में देवताओं के कारदारों, सभी हारियानों के देवलुओं के साथ-साथ स्थानीय युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। बाजार में जगह-जगह महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने फूल-मालाओं के साथ देव रथों का भव्य स्वागत किया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर पूरा बालीचौकी बाजार देव-ध्वनि और जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद यह पारंपरिक जलेब बालीचौकी बाजार से होते हुए मुख्य मेला ग्राउंड पहुंची, जिसके साथ ही पांच दिवसीय जिला स्तरीय उत्सव का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
इस दौरान देवताओं के देवलुओं ने मैदान में सराजी नाटी का आयोजन भी किया। देवता के कारदार बुधे राम ने बताया कि आराध्य देव चुंजवाला व ऋषि मार्कंडेय का इस मेले में प्राचीन काल से ही विशेष और महत्वपूर्ण स्थान रहा है।
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