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Mandi News: मानसून में डायवर्जन हटाने से दस गांवों का संपर्क कटा
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बजगर खड्ड पर बने अस्थायी डायवर्सन के हटाने के बाद उफनती खड्ड के बीच जान जोखिम में डालकर गुजरते
जान जोखिम में डालकर उफनती खड्ड पार कर रहे सैकड़ों लोग
डोहग-चकली मार्ग की बजगर खड्ड, त्रिवेणी नदी और टिकरू के डलाणा में वाहनों की आवाजाही ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
चौंतड़ा (मंडी)। मानसून के बीच लोक निर्माण विभाग की ओर से अस्थायी डायवर्जन हटाए जाने से क्षेत्र के करीब दस गांवों के सैकड़ों लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। डोहग-चकली मार्ग पर बजगर खड्ड, त्रिवेणी नदी और टिकरू के डलाणा में डायवर्जन हटने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है।
ग्रामीणों को स्कूल, अस्पताल, रोजमर्रा के कार्यों और यहां तक कि अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भी उफनती खड्डों और नदी को पैदल पार करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि मानसून के सबसे संवेदनशील समय में सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई।
लोअर चौंतड़ा, भटेहड़, धनैतर, चकली, मरिहार सहित आसपास के गांव इन मार्गों पर निर्भर हैं। डोहग-लोअर चौंतड़ा सड़क पर बजगर खड्ड पर स्थायी पुल अब तक नहीं बन पाया है। बरसात में राहत के लिए बनाया जाने वाला अस्थायी डायवर्जन भी इस बार मानसून के दौरान हटा दिया गया। ग्रामीण जसवंत, अनिल, राकेश, रमेश और अमर सिंह ने बताया कि छोटे वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है और पैदल चलने वालों के लिए भी सुरक्षित विकल्प नहीं बचा है। तीन मोक्षधामों तक पहुंचने के लिए भी लोगों को उफनती खड्ड पार करनी पड़ रही है। बुधवार को अंतिम संस्कार से लौट रहे लोगों के तेज बहाव में खड्ड पार करने की तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों में रोष बढ़ गया है। वार्ड सदस्य रजनीश वालिया ने बताया कि प्रतिदिन सैकड़ों लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी पुल निर्माण और मानसून के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता गौरव ने बताया कि तेज बहाव में अस्थायी डायवर्जन और पाइप बहने का खतरा रहता है, इसलिए उन्हें एहतियातन हटाया गया है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में डायवर्जन दोबारा बहाल किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बजगर खड्ड पर पुल निर्माण की डीपीआर निरस्त होने से परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी है।
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लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
कार्यवाहक अधिशासी अभियंता विनायक कश्यप ने कहा कि मानसून के दौरान लोगों की सुरक्षा विभाग की प्राथमिकता है। जहां संभव है, वहां वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लोगों से फिलहाल सुरक्षित वैकल्पिक सड़कों का ही उपयोग करने की अपील की गई है।
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डोहग-चकली मार्ग की बजगर खड्ड, त्रिवेणी नदी और टिकरू के डलाणा में वाहनों की आवाजाही ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
चौंतड़ा (मंडी)। मानसून के बीच लोक निर्माण विभाग की ओर से अस्थायी डायवर्जन हटाए जाने से क्षेत्र के करीब दस गांवों के सैकड़ों लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। डोहग-चकली मार्ग पर बजगर खड्ड, त्रिवेणी नदी और टिकरू के डलाणा में डायवर्जन हटने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है।
ग्रामीणों को स्कूल, अस्पताल, रोजमर्रा के कार्यों और यहां तक कि अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भी उफनती खड्डों और नदी को पैदल पार करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि मानसून के सबसे संवेदनशील समय में सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई।
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लोअर चौंतड़ा, भटेहड़, धनैतर, चकली, मरिहार सहित आसपास के गांव इन मार्गों पर निर्भर हैं। डोहग-लोअर चौंतड़ा सड़क पर बजगर खड्ड पर स्थायी पुल अब तक नहीं बन पाया है। बरसात में राहत के लिए बनाया जाने वाला अस्थायी डायवर्जन भी इस बार मानसून के दौरान हटा दिया गया। ग्रामीण जसवंत, अनिल, राकेश, रमेश और अमर सिंह ने बताया कि छोटे वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है और पैदल चलने वालों के लिए भी सुरक्षित विकल्प नहीं बचा है। तीन मोक्षधामों तक पहुंचने के लिए भी लोगों को उफनती खड्ड पार करनी पड़ रही है। बुधवार को अंतिम संस्कार से लौट रहे लोगों के तेज बहाव में खड्ड पार करने की तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों में रोष बढ़ गया है। वार्ड सदस्य रजनीश वालिया ने बताया कि प्रतिदिन सैकड़ों लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी पुल निर्माण और मानसून के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता गौरव ने बताया कि तेज बहाव में अस्थायी डायवर्जन और पाइप बहने का खतरा रहता है, इसलिए उन्हें एहतियातन हटाया गया है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में डायवर्जन दोबारा बहाल किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बजगर खड्ड पर पुल निर्माण की डीपीआर निरस्त होने से परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी है।
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लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
कार्यवाहक अधिशासी अभियंता विनायक कश्यप ने कहा कि मानसून के दौरान लोगों की सुरक्षा विभाग की प्राथमिकता है। जहां संभव है, वहां वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लोगों से फिलहाल सुरक्षित वैकल्पिक सड़कों का ही उपयोग करने की अपील की गई है।