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Mandi News: हुनर को स्टार्टअप में बदलेगा तकनीकी निदेशालय सुंदरनगर
Thu, 20 Mar 2025 09:59 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 20 Mar 2025 09:59 AM IST
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सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश तकनीकी निदेशालय सुंदरनगर अब बहुतकनीकी और इंजीनियरिंग कॉलेजों में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रदेश सरकार ने बजट में दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे मेधावी छात्रों को अपने नवाचार को स्टार्टअप में बदलने का अवसर मिलेगा।
आम तौर पर आर्थिक संसाधनों की कमी के चलते कई मेधावियों को अपने नवाचार को स्टार्टअप में बदलने के लिए काफी परेशानी आती थी। मगर अब ऐसा नहीं होगा। सरकार से बजट का प्रावधान होने के बाद तकनीकी निदेशालय सुंदरनगर ने सभी बहुतकनीकी और इंजीनियरिंग कॉलेजों को स्टार्टअप बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं।
यह योजना उन छात्रों के लिए वरदान साबित होगी, जो आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण अपने नवाचार को आगे नहीं बढ़ा पाते थे। स्टार्टअप योजना के तहत प्रशिक्षु अपने नवाचार को बिजनेस मॉडल में बदल सकेंगे, जिससे वे न केवल खुद को रोजगार देंगे बल्कि अन्य लोगों के लिए भी नौकरियों के अवसर पैदा कर सकेंगे।
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सरकार ने तकनीकी शिक्षा में स्टार्टअप को ज्यादा मजबूत करने के लिए इस बजट में 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। बहुतकनीकी व इंजीनियरिंग कॉलेज में तकनीकी शिक्षा प्रशिक्षुओं को स्टार्टअप के जरिए अपने नवाचार को बढ़ाने के साथ उसे उपयोगी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
-अक्षय सूद, निदेशक, तकनीकी शिक्षा निदेशालय सुंदरनगर
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आम तौर पर आर्थिक संसाधनों की कमी के चलते कई मेधावियों को अपने नवाचार को स्टार्टअप में बदलने के लिए काफी परेशानी आती थी। मगर अब ऐसा नहीं होगा। सरकार से बजट का प्रावधान होने के बाद तकनीकी निदेशालय सुंदरनगर ने सभी बहुतकनीकी और इंजीनियरिंग कॉलेजों को स्टार्टअप बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं।
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यह योजना उन छात्रों के लिए वरदान साबित होगी, जो आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण अपने नवाचार को आगे नहीं बढ़ा पाते थे। स्टार्टअप योजना के तहत प्रशिक्षु अपने नवाचार को बिजनेस मॉडल में बदल सकेंगे, जिससे वे न केवल खुद को रोजगार देंगे बल्कि अन्य लोगों के लिए भी नौकरियों के अवसर पैदा कर सकेंगे।
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सरकार ने तकनीकी शिक्षा में स्टार्टअप को ज्यादा मजबूत करने के लिए इस बजट में 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। बहुतकनीकी व इंजीनियरिंग कॉलेज में तकनीकी शिक्षा प्रशिक्षुओं को स्टार्टअप के जरिए अपने नवाचार को बढ़ाने के साथ उसे उपयोगी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
-अक्षय सूद, निदेशक, तकनीकी शिक्षा निदेशालय सुंदरनगर