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अधिक बच्चों वाले नजदीकी स्कूलों में पद सहित शिफ्ट हों शिक्षक : संघ
Sun, 28 Jul 2024 06:33 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 28 Jul 2024 06:33 AM IST
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ शिक्षा खंड चौंतड़ा प्रथम ने कहा कि सरकार पांच और इससे कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी कर रही है। मगर कहा जा रहा है कि मर्ज होने वाले स्कूलों के अध्यापकों को एक्सीलेंस स्कूलों में तैनात करने की योजना है, लेकिन शिक्षा खंड चौंतड़ा में ऐसे बहुत कम स्कूल हैं। ऐसे में इन शिक्षकों को अधिक बच्चों वाले नजदीकी स्कूलों में पद के साथ शिफ्ट किया जाए।
संघ की महिला कार्यकारिणी की प्रधान कुंता राही ने कहा कि शिक्षा खंड चौंतड़ा प्रथम में ऐसे भी बहुत से स्कूल हैं, जिन्हें एक्सीलेंस स्कूल की मान्यता नहीं मिली है, लेकिन नामांकन 50 से अधिक है और केवल दो ही अध्यापक तैनात हैं। ऐसे में संघ सरकार से मांग करता है कि मर्ज किए जा रहे स्कूलों के विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षकों को भी ऐसे स्कूल जहां 30 से अधिक छात्रों हैं, वहां तैनाती दी जाए।
उन्होंने कहा कि दो अध्यापक दो कमरों वाले प्राथमिक स्कूलों की अवधारणा का समय अब निकल चुका है। आज हर अभिभावक कक्षावार अपने बच्चों के लिए अध्यापक चाहता है। सरकार एक्सीलेंस स्कूल खोली रही है, यह अच्छी बात है, लेकिन बेहतर कार्य कर रहे स्कूलों को भी सरकार को दो अध्यापकों के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए।
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संघ ने प्रधान संजय ठाकुर ने सरकार से मांग की है कि यदि एक बार सरकार विद्यार्थी-अध्यापक अनुपात नजरअंदाज कर कक्षावार अध्यापक हमारे स्कूलों को देती है, तो वह दिन दूर नहीं जब हिमाचल के सरकारी स्कूल फिर अपनी गौरवशाली पताका देशभर में लहराएंगे और हिमाचल का शिक्षा मॉडल पूरा देश अपनाएगा।
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संघ की महिला कार्यकारिणी की प्रधान कुंता राही ने कहा कि शिक्षा खंड चौंतड़ा प्रथम में ऐसे भी बहुत से स्कूल हैं, जिन्हें एक्सीलेंस स्कूल की मान्यता नहीं मिली है, लेकिन नामांकन 50 से अधिक है और केवल दो ही अध्यापक तैनात हैं। ऐसे में संघ सरकार से मांग करता है कि मर्ज किए जा रहे स्कूलों के विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षकों को भी ऐसे स्कूल जहां 30 से अधिक छात्रों हैं, वहां तैनाती दी जाए।
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उन्होंने कहा कि दो अध्यापक दो कमरों वाले प्राथमिक स्कूलों की अवधारणा का समय अब निकल चुका है। आज हर अभिभावक कक्षावार अपने बच्चों के लिए अध्यापक चाहता है। सरकार एक्सीलेंस स्कूल खोली रही है, यह अच्छी बात है, लेकिन बेहतर कार्य कर रहे स्कूलों को भी सरकार को दो अध्यापकों के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए।
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संघ ने प्रधान संजय ठाकुर ने सरकार से मांग की है कि यदि एक बार सरकार विद्यार्थी-अध्यापक अनुपात नजरअंदाज कर कक्षावार अध्यापक हमारे स्कूलों को देती है, तो वह दिन दूर नहीं जब हिमाचल के सरकारी स्कूल फिर अपनी गौरवशाली पताका देशभर में लहराएंगे और हिमाचल का शिक्षा मॉडल पूरा देश अपनाएगा।