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Mandi News: उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए अध्यापकों को दिया जाए टीए और डीए
Mon, 15 Apr 2024 06:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Mon, 15 Apr 2024 06:18 AM IST
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सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला मंडी ने स्कूल शिक्षा बोर्ड से मूल्यांकन के लिए जाने वाले शिक्षकों को टीए और डीए देने की मांग की है। जिला अध्यक्ष राजेश सैनी ने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं के लिए जो केंद्र बनाए गए हैं, वे 30 किलोमीटर के दायरे में हैं। जो शिक्षक 30 किलोमीटर के दायरे में सेवाएं दे रहे हैं, वे पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है।
इन विद्यालयों से अगर कोई शिक्षक मूल्यांकन के लिए जाता है तो उसे आने-जाने के लिए 100 से 140 रुपये तक बस किराया देना पड़ेगा। इसके साथ ही 100 से 120 रुपये खाने के चुकाने पड़ेंगे। ऐसे में शिक्षक को 200 से 260 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। अगर वह दिन में 30 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करता है, तो उसे दिन के लगभग 300 रुपये मिलेंगे और अध्यापक को दिन में मात्र 40 से 100 रुपये ही बचेंगे।
उन्होंने कहा कि यह राशि भी बोर्ड द्वारा एक-दो साल के बाद बार-बार मांग करने के बाद खाते में डाली जाती है। इससे शिक्षकों को कोई वित्तीय लाभ नहीं होगा। यही कारण है कि आज कोई भी शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में रुचि नहीं दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन समय पर पूरा नहीं हुआ तो परीक्षा परिणाम भी समय पर घोषित नहीं होगा। इससे लाखों विद्यार्थियों का नुकसान होगा। ऐसे में स्कूल प्रवक्ता संघ स्कूल शिक्षा बोर्ड से मांग करता है कि मूल्यांकन के लिए जाने वाले शिक्षकों को पहले तरह टीए और डीए दिया जाए। अगर बोर्ड ऐसा करने में असमर्थ है तो फिर प्रति पुस्तिका मूल्यांकन के 20 से 25 रुपये दिए जाए।
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इन विद्यालयों से अगर कोई शिक्षक मूल्यांकन के लिए जाता है तो उसे आने-जाने के लिए 100 से 140 रुपये तक बस किराया देना पड़ेगा। इसके साथ ही 100 से 120 रुपये खाने के चुकाने पड़ेंगे। ऐसे में शिक्षक को 200 से 260 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। अगर वह दिन में 30 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करता है, तो उसे दिन के लगभग 300 रुपये मिलेंगे और अध्यापक को दिन में मात्र 40 से 100 रुपये ही बचेंगे।
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उन्होंने कहा कि यह राशि भी बोर्ड द्वारा एक-दो साल के बाद बार-बार मांग करने के बाद खाते में डाली जाती है। इससे शिक्षकों को कोई वित्तीय लाभ नहीं होगा। यही कारण है कि आज कोई भी शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में रुचि नहीं दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन समय पर पूरा नहीं हुआ तो परीक्षा परिणाम भी समय पर घोषित नहीं होगा। इससे लाखों विद्यार्थियों का नुकसान होगा। ऐसे में स्कूल प्रवक्ता संघ स्कूल शिक्षा बोर्ड से मांग करता है कि मूल्यांकन के लिए जाने वाले शिक्षकों को पहले तरह टीए और डीए दिया जाए। अगर बोर्ड ऐसा करने में असमर्थ है तो फिर प्रति पुस्तिका मूल्यांकन के 20 से 25 रुपये दिए जाए।
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