{"_id":"61d86f7d14a02a7176305c66","slug":"tattapani-sankranti-fair-canceled-mandi-news-sml3960171128","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिर कोरोना की भेंट चढ़ा तत्तापानी का संक्रांति मेला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिर कोरोना की भेंट चढ़ा तत्तापानी का संक्रांति मेला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी। प्रदेश के मंडी जिले के तत्तापानी में 14 जनवरी को मकर संक्रांति मेला फिर कोरोना की भेंट चढ़ गया है। इस साल भी यह मेला नहीं मनाया जाएगा। सूक्ष्म अंदाज में सिर्फ परंपराएं निभाई जाएंगी। मकर संक्रांति पर तत्तापानी में लोहड़ी का मेला आयोजित किया जाता है।
इसमें हजारों लोग दूर-दूर से आकर स्नान करते हैं। लोग यहां तुला दान भी करवाते हैं। लोगों का मानना है कि यहां पर स्नान करने से चर्म रोग दूर हो जाते हैं। 2019 में यहां पर एक पतीले में 1995 किलो खिचड़ी बनाई गई थी। इसको गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया। इस बार दूसरी दफा कोरोना महामारी के चलते यह मेला आयोजित नहीं किया जाएगा।
एसडीएम करसोग सन्नी कुमार ने कहा कि सरकार के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए मेला रद्द किया गया है। सूक्ष्म अंदाज में परंपराएं निभाई जाएंगी। तुलादान और स्नान के लिए कोविड नियमों का पालन करना होगा। दुकानें नहीं सजेंगी और न ही सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन होगा।
विज्ञापन
मकर संक्रांति मेला विश्व प्रसिद्ध है। यहां पर्यटक विश्वभर से आते हैं। यहां गर्म पानी के चश्मे हैं और संक्रांति के दिन तुलादान का अपना एक विशेष महत्व है। 2019 में मकर संक्रांति पर एक ही बर्तन में 1995 किलोग्राम खिचड़ी बनाने के पतीले को को क्रेन की मदद से उठाया गया था।
खिचड़ी के नए विश्व रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि के माध्यम से सौंपा गया था।
विज्ञापन
इसमें हजारों लोग दूर-दूर से आकर स्नान करते हैं। लोग यहां तुला दान भी करवाते हैं। लोगों का मानना है कि यहां पर स्नान करने से चर्म रोग दूर हो जाते हैं। 2019 में यहां पर एक पतीले में 1995 किलो खिचड़ी बनाई गई थी। इसको गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया। इस बार दूसरी दफा कोरोना महामारी के चलते यह मेला आयोजित नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
एसडीएम करसोग सन्नी कुमार ने कहा कि सरकार के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए मेला रद्द किया गया है। सूक्ष्म अंदाज में परंपराएं निभाई जाएंगी। तुलादान और स्नान के लिए कोविड नियमों का पालन करना होगा। दुकानें नहीं सजेंगी और न ही सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन होगा।
विज्ञापन
मकर संक्रांति मेला विश्व प्रसिद्ध है। यहां पर्यटक विश्वभर से आते हैं। यहां गर्म पानी के चश्मे हैं और संक्रांति के दिन तुलादान का अपना एक विशेष महत्व है। 2019 में मकर संक्रांति पर एक ही बर्तन में 1995 किलोग्राम खिचड़ी बनाने के पतीले को को क्रेन की मदद से उठाया गया था।
खिचड़ी के नए विश्व रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि के माध्यम से सौंपा गया था।