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Mandi News: निलंबित सरकारी चालक ने नकारे आरोप
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कहा- गलती छिपाने के लिए निगम ने की कार्रवाई
बहाल नहीं किया तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे
निगम का एकतरफा फैसला, उससे कुछ पूछा तक नहीं
क्षेत्रीय प्रबंधक बोले- हादसे के लिए चालक जिम्मेवार, पाई गई लापरवाही
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (मंडी)। जोगिंद्रनगर से अमृतसर जा रही एचआरटीसी बस के पिछले चारों टायर कोटला गांव के पास खुलने के मामले में निगम प्रबंधन ने चालक विशन दास को निलंबित कर दिया। वहीं चालक ने अपने निलंबन को लेकर लगाए सभी आरोपों को निराधार बताया है।
धर्मपुर बस अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए चालक विशन दास ने आरोप लगाया है कि इस घटना में जिनकी गलती है, उनको बचाया जा रहा है। बस की मरम्मत किए बगैर उनको जबरदस्ती रूटों पर भेजा जाता है। इंकार करने वालों को चार्जशीट का डर दिखाकर डराया जाता है। चालक ने इस हादसे के लिए हेड मैकेनिक और प्रबंधक को दोषी ठहराया है। चालक के साथ अन्य चालकों ने भी निगम प्रबंधन को चेताया है कि निलंबित चालक को बहाल नहींं किया गया तो साथ मिलकर धरने पर बैठ जाएंगे और कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
हिमाचल पथ परिवहन निगम धर्मपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक विनोद शर्मा ने बताया कि इस हादसे के लिए पूर्ण रूप से चालक जिम्मेदार है। यह हादसा उसकी लापरवाही से हुआ, लेकिन प्रबंधक ने यह भी माना कि इस बस में टाटा की रकाबें डाली गई थीं जबकि यह गाड़ी अशोका लेहलैंड कंपनी की है। वहीं, एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक विनोद ने बताया कि चालक भी निगम के कर्मचारी हैं। एकतरफा कार्रवाई जैसा कुछ नहीं है। तकनीकी जांच के बाद ही कार्रवाई अमल लाई गई है। बाकी यूनियन और चालक ने मीडिया के समक्ष क्या बात रखी है, यह उनकी जानकारी में नहीं है।
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कमेटी बनाकर बसों की जांच की उठाई मांग
एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन के स्थानीय यूनिट प्रधान कमलेश कुमार, इंटक प्रधान अमृत लाल, बीएमएस अध्यक्ष अशोक कुमार सहित अन्य ने निगम को चेतावनी दी है कि अगर पांच दिन में चालक की बहाली नहीं हुई तो आगामी रणनीति बनाई जाएगी और चक्का जाम किया जाएगा। वहीं, कमेटी बनाकर बसों की जांच की मांग उठाई है। चालक छुट्टी पर जाए तो वेतन बंद हो जाता है। कहा कि अधिकांश गाड़ियों में वाइपर और हार्न तक नहीं हैं। इंजन में भारी लीकेज रहती है जिससे हर वक्त दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कहा कि एक गाड़ी में 2,500 किलोमीटर चलने पर 20 लीटर इंजन आयल का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में चालकों से जुर्माना वसूला जा रहा है। जबकि उनकी कोई गलती नहीं है।
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बहाल नहीं किया तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे
निगम का एकतरफा फैसला, उससे कुछ पूछा तक नहीं
क्षेत्रीय प्रबंधक बोले- हादसे के लिए चालक जिम्मेवार, पाई गई लापरवाही
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (मंडी)। जोगिंद्रनगर से अमृतसर जा रही एचआरटीसी बस के पिछले चारों टायर कोटला गांव के पास खुलने के मामले में निगम प्रबंधन ने चालक विशन दास को निलंबित कर दिया। वहीं चालक ने अपने निलंबन को लेकर लगाए सभी आरोपों को निराधार बताया है।
धर्मपुर बस अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए चालक विशन दास ने आरोप लगाया है कि इस घटना में जिनकी गलती है, उनको बचाया जा रहा है। बस की मरम्मत किए बगैर उनको जबरदस्ती रूटों पर भेजा जाता है। इंकार करने वालों को चार्जशीट का डर दिखाकर डराया जाता है। चालक ने इस हादसे के लिए हेड मैकेनिक और प्रबंधक को दोषी ठहराया है। चालक के साथ अन्य चालकों ने भी निगम प्रबंधन को चेताया है कि निलंबित चालक को बहाल नहींं किया गया तो साथ मिलकर धरने पर बैठ जाएंगे और कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
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हिमाचल पथ परिवहन निगम धर्मपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक विनोद शर्मा ने बताया कि इस हादसे के लिए पूर्ण रूप से चालक जिम्मेदार है। यह हादसा उसकी लापरवाही से हुआ, लेकिन प्रबंधक ने यह भी माना कि इस बस में टाटा की रकाबें डाली गई थीं जबकि यह गाड़ी अशोका लेहलैंड कंपनी की है। वहीं, एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक विनोद ने बताया कि चालक भी निगम के कर्मचारी हैं। एकतरफा कार्रवाई जैसा कुछ नहीं है। तकनीकी जांच के बाद ही कार्रवाई अमल लाई गई है। बाकी यूनियन और चालक ने मीडिया के समक्ष क्या बात रखी है, यह उनकी जानकारी में नहीं है।
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कमेटी बनाकर बसों की जांच की उठाई मांग
एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन के स्थानीय यूनिट प्रधान कमलेश कुमार, इंटक प्रधान अमृत लाल, बीएमएस अध्यक्ष अशोक कुमार सहित अन्य ने निगम को चेतावनी दी है कि अगर पांच दिन में चालक की बहाली नहीं हुई तो आगामी रणनीति बनाई जाएगी और चक्का जाम किया जाएगा। वहीं, कमेटी बनाकर बसों की जांच की मांग उठाई है। चालक छुट्टी पर जाए तो वेतन बंद हो जाता है। कहा कि अधिकांश गाड़ियों में वाइपर और हार्न तक नहीं हैं। इंजन में भारी लीकेज रहती है जिससे हर वक्त दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कहा कि एक गाड़ी में 2,500 किलोमीटर चलने पर 20 लीटर इंजन आयल का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में चालकों से जुर्माना वसूला जा रहा है। जबकि उनकी कोई गलती नहीं है।