पंडित सुखराम का निधन: हनुमान घाट पर होगा आज अंतिम संस्कार, जयराम-धूमल समेत कई बड़े नेता होंगे शामिल
दोपहर बाद करीब 1:30 बजे उनकी अंतिम यात्रा शुरू होगी। यह चौहटा बाजार, मोती बाजार, अपने पुराने घर समखेतर बाजार से होते हुए, विक्टारिया से हनुमान घाट तक जाएगी। यहां उनका अंतिम संस्कार होगा। उनकी अंतिम यात्रा में शहर, जिला, प्रदेश और अन्य राज्यों से उनके चाहने वाले, रिश्तेदार और नेता उनका अंतिम दर्शन करेंगे और श्रद्धांजिल अर्पित करेंगे।
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हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम का दिल्ली एम्स में निधन हो गया। उन्हें संचार क्राति के लिए जाना जाता है लेकिन उनपर घोटाले का दाग भी लगा। मंगलवार देर रात 1:35 बजे अंतिम सांस ली। 94 वर्षीय सुखराम को ब्रेन स्ट्रोक के चलते 7 मई को मंडी से एयरलिफ्ट कर एम्स लाया गया था।
पूर्व केंद्रीय मंत्री के पौत्र आश्रय शर्मा ने कहा कि उनके पार्थिव शरीर को लोगों के दर्शनार्थ गुरुवार सुबह दस बजे मंडी के सेरी मंच में रखा जाएगा। इससे पहले पार्थिव देह को गाड़ी में उनके बाड़ी गुुमाणू घर से पूरे विधि विधान के साथ अस्पताल रोड, सकोडी पुल, स्कूल बाजार होते हुए सेरी मंच पर लाया जाएगा। यहां पर लोगों के दर्शनों के लिए दोपहर तक रखा जाएगा। दोपहर बाद करीब 1:30 बजे उनकी अंतिम यात्रा शुरू होगी। यह चौहटा बाजार, मोती बाजार, अपने पुराने घर समखेतर बाजार से होते हुए, विक्टारिया से हनुमान घाट तक जाएगी। यहां उनका अंतिम संस्कार होगा।
उनकी अंतिम यात्रा में शहर, जिला, प्रदेश और अन्य राज्यों से उनके चाहने वाले, रिश्तेदार और नेता उनका अंतिम दर्शन करेंगे और श्रद्धांजिल अर्पित करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल, जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह, भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेता शामिल होंगे।
संचार क्रांति के लिए जाने गए सुखराम पर घोटाले का दाग भी
27 जुलाई 1927 को जन्मे सुखराम केंद्र सरकार में 1993 से 1996 तक दूरसंचार मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे थे। वह मंडी से 1963 से 1984 के बीच पांच बार विधायक रहे। यही से तीन बार लोकसभा सांसद भी रहे। उनके बेटे अनिल शर्मा मंडी से भाजपा विधायक हैं। 1996 में दूरसंचार मंत्री रहने के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों में 2011 में पांच साल की कैद की सजा सुनाई गई थी।
दूरसंचार घोटाले के चलते कांग्रेस ने 1996 में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसके बाद हिमाचल विकास कांग्रेस पार्टी का गठन किया व चुनाव बाद भाजपा से गठबंधन कर सरकार में शामिल हुए। सुखराम 2019 लोकसभा चुनाव से पहले अपने पोते के साथ फिर कांग्रेस में शामिल हो गए।

दिवंगत पंडित सुख राम का शव बाड़ी गुमाणु स्थित घर पहुंचने पर बेटे अनिल शर्मा को रोते हुए गले लगा कर - फोटो : Mandi

सुखराम के पोते आश्रय शर्मा को ढांढस बंधाते हुए विक्रमादित्य सिंह। संवाद- फोटो : Mandi