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Mandi News: सुंदरनगर अस्पताल में बैल के हमले में घायल व्यक्ति का सफल ऑपरेशन
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सर्जन के दो पद भरने के बाद हर महीने 20 मरीजों को मिल रही ऑपरेशन सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। सिविल अस्पताल सुंदरनगर में सर्जनों की तैनाती के बाद अब कई प्रकार के ऑपरेशन स्थानीय स्तर पर ही किए जाने लगे हैं। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को बड़ी राहत मिली है। पहले सर्जन न होने के कारण मरीजों को नेरचौक मेडिकल कॉलेज, निजी अस्पतालों और पीजीआई तक जाना पड़ता था। अस्पताल में तैनात सर्जन डॉ. अनुज सैनी और उनकी टीम ने हाल ही में बैल के हमले में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति का सफल ऑपरेशन किया। घायल को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था और उसे नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर करने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान सर्जन ने मरीज का उपचार स्थानीय स्तर पर ही करने का निर्णय लिया।
डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर मरीज का इलाज किया। ऑपरेशन के बाद मरीज अब अपने पैरों पर चलने लगा है। परिजनों ने भी उपचार पर संतोष जताया। इस सर्जरी के बाद अस्पताल में जटिल ऑपरेशन किए जाने की उम्मीद और बढ़ गई है।
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लेप्रोस्कोपी मशीन की मांग
सिविल अस्पताल सुंदरनगर में अभी भी पारंपरिक तरीके से ऑपरेशन किए जा रहे हैं। ऐसे में अस्पताल में लेप्रोस्कोपी मशीन उपलब्ध करवाने की मांग उठने लगी है। तीमारदार परस राम ने कहा कि यदि स्वास्थ्य विभाग अस्पताल को लेप्रोस्कोपी मशीन उपलब्ध करवाए, तो मरीजों को बड़े चीरे और अधिक दर्द से राहत मिल सकती है।
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सुंदरनगर सिविल अस्पताल में हर महीने औसतन 20 ऑपरेशन किए जा रहे हैं। शल्य विभाग में दो सर्जन तैनात हैं और उनकी सेवाओं से अब अस्पताल में विभिन्न प्रकार के ऑपरेशन संभव हो पा रहे हैं। -डॉ. चमन ठाकुर, प्रभारी एवं वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल सुंदरनगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। सिविल अस्पताल सुंदरनगर में सर्जनों की तैनाती के बाद अब कई प्रकार के ऑपरेशन स्थानीय स्तर पर ही किए जाने लगे हैं। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को बड़ी राहत मिली है। पहले सर्जन न होने के कारण मरीजों को नेरचौक मेडिकल कॉलेज, निजी अस्पतालों और पीजीआई तक जाना पड़ता था। अस्पताल में तैनात सर्जन डॉ. अनुज सैनी और उनकी टीम ने हाल ही में बैल के हमले में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति का सफल ऑपरेशन किया। घायल को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था और उसे नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर करने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान सर्जन ने मरीज का उपचार स्थानीय स्तर पर ही करने का निर्णय लिया।
डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर मरीज का इलाज किया। ऑपरेशन के बाद मरीज अब अपने पैरों पर चलने लगा है। परिजनों ने भी उपचार पर संतोष जताया। इस सर्जरी के बाद अस्पताल में जटिल ऑपरेशन किए जाने की उम्मीद और बढ़ गई है।
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लेप्रोस्कोपी मशीन की मांग
सिविल अस्पताल सुंदरनगर में अभी भी पारंपरिक तरीके से ऑपरेशन किए जा रहे हैं। ऐसे में अस्पताल में लेप्रोस्कोपी मशीन उपलब्ध करवाने की मांग उठने लगी है। तीमारदार परस राम ने कहा कि यदि स्वास्थ्य विभाग अस्पताल को लेप्रोस्कोपी मशीन उपलब्ध करवाए, तो मरीजों को बड़े चीरे और अधिक दर्द से राहत मिल सकती है।
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सुंदरनगर सिविल अस्पताल में हर महीने औसतन 20 ऑपरेशन किए जा रहे हैं। शल्य विभाग में दो सर्जन तैनात हैं और उनकी सेवाओं से अब अस्पताल में विभिन्न प्रकार के ऑपरेशन संभव हो पा रहे हैं। -डॉ. चमन ठाकुर, प्रभारी एवं वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल सुंदरनगर