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पढ़ाई से असंतुष्ट विद्यार्थियों ने एक साथ छोड़ा घरवासड़ा स्कूल
मंडी
Updated Tue, 01 Nov 2016 07:36 PM IST
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रिवालसर (मंडी)। जिला के उपमंडल सरकाघाट के तहत राजकीय माध्यमिक स्कूल घरवासड़ा में पढ़ रहे सभी विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से स्कूल छोड़ दिया है। जिससे स्कूल पर ताला लटक गया है। शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों के अभिभावकों ने आधा शैक्षणिक सत्र बीतने के बावजूद यह ठोस कदम उठाया है। अरसे से स्कूल में शिक्षकों की कमी से जूझ रहे इन विद्यार्थियों ने घर से लगभग छह से आठ किमी दूर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौक में दाखिला लिया है। गरीब तबके के इन बच्चों को घर से मीलों का फासला तय कर चौक स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। इससे यहां पर प्रदेश सरकार के घर द्वार शिक्षा देने के दावे हवाई साबित हो रहे हैं।
घरवासड़ा स्कूल के चार छात्र और पांच छात्राओं के स्कूल छोड़ने के कारण अब स्कूल में ताला लटक गया है। स्कूल में तैनात शिक्षकों को विभाग ने चौक स्कूल में अटैच कर दिया है। वर्ष 2014 में इस स्कूल में शिक्षकों के तबादले का सिलसिला शुरू हुआ। एक के बाद एक यहां से तीन शिक्षकों का तबादला हो गया। लेकिन, विभाग ने यहां पर एक भी शिक्षक की तैनाती नहीं की। इस शैक्षणिक सत्र में स्कूल में एक पीईटी व एक विज्ञान अध्यापक इन बच्चों को पढ़ा रहे थे। लेकिन, स्कूल में शिक्षा से असंतुष्ट विद्यार्थियों के अभिभावकों ने 25 अक्तूबर को सामूहिक रूप से बच्चों का घरवासड़ा स्कूल से नाम वापस ले लिया। आधे से अधिक शैक्षणिक सत्र बीत जाने के बाद अभिभावकों को शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते बच्चों को चौक स्कूल में दाखिला दिलाने पर विवश होना पड़ा।
स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान श्याम लाल और वार्ड पंच बंती देवी ने कहा कि गत डेढ़ वर्षों से प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से मिडल स्कूल घरवासड़ा में रिक्त चल रहे शिक्षकों के पदों को भरने के लिए कई दफा गुहार लगा चुके हैं। बावजूद इसके शिक्षा विभाग ने मिडल स्कूल घरवासड़ा को शिक्षक भेजना उचित नहीं समझा। सितंबर 2014 में शास्त्री, मई 2015 में टीजीटी आर्ट्स, सितंबर 2016 को कला शिक्षक का तबादला हुआ। इन शिक्षकों के तबादले होने पर इनके बदले यहां पर कोई शिक्षक विभाग ने तैनात नहीं किया। एसएमसी सदस्यों ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से मांग उठाई है कि घरवासड़ा स्कूल के लिए जल्द शिक्षक भेजें। ताकि स्कूल फिर से शुरू किया जा सके।
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कोट्.........
एक साथ सभी बच्चों के स्कूल छोड़ने का मामला ध्यान में आया है। यहां पर तैनात शिक्षकों को साथ लगते स्कूल के साथ अटैच कर दिया गया है। विभागीय उच्च अधिकारियों को मामले के बारे में सूचित कर दिया गया है।
..केडी शर्मा प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मंडी।
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घरवासड़ा स्कूल के चार छात्र और पांच छात्राओं के स्कूल छोड़ने के कारण अब स्कूल में ताला लटक गया है। स्कूल में तैनात शिक्षकों को विभाग ने चौक स्कूल में अटैच कर दिया है। वर्ष 2014 में इस स्कूल में शिक्षकों के तबादले का सिलसिला शुरू हुआ। एक के बाद एक यहां से तीन शिक्षकों का तबादला हो गया। लेकिन, विभाग ने यहां पर एक भी शिक्षक की तैनाती नहीं की। इस शैक्षणिक सत्र में स्कूल में एक पीईटी व एक विज्ञान अध्यापक इन बच्चों को पढ़ा रहे थे। लेकिन, स्कूल में शिक्षा से असंतुष्ट विद्यार्थियों के अभिभावकों ने 25 अक्तूबर को सामूहिक रूप से बच्चों का घरवासड़ा स्कूल से नाम वापस ले लिया। आधे से अधिक शैक्षणिक सत्र बीत जाने के बाद अभिभावकों को शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते बच्चों को चौक स्कूल में दाखिला दिलाने पर विवश होना पड़ा।
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स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान श्याम लाल और वार्ड पंच बंती देवी ने कहा कि गत डेढ़ वर्षों से प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से मिडल स्कूल घरवासड़ा में रिक्त चल रहे शिक्षकों के पदों को भरने के लिए कई दफा गुहार लगा चुके हैं। बावजूद इसके शिक्षा विभाग ने मिडल स्कूल घरवासड़ा को शिक्षक भेजना उचित नहीं समझा। सितंबर 2014 में शास्त्री, मई 2015 में टीजीटी आर्ट्स, सितंबर 2016 को कला शिक्षक का तबादला हुआ। इन शिक्षकों के तबादले होने पर इनके बदले यहां पर कोई शिक्षक विभाग ने तैनात नहीं किया। एसएमसी सदस्यों ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से मांग उठाई है कि घरवासड़ा स्कूल के लिए जल्द शिक्षक भेजें। ताकि स्कूल फिर से शुरू किया जा सके।
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एक साथ सभी बच्चों के स्कूल छोड़ने का मामला ध्यान में आया है। यहां पर तैनात शिक्षकों को साथ लगते स्कूल के साथ अटैच कर दिया गया है। विभागीय उच्च अधिकारियों को मामले के बारे में सूचित कर दिया गया है।
..केडी शर्मा प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मंडी।