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Mandi News: जमीन पर यथास्थिति का आदेश बरकरार, अपील खारिज
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अतिरिक्त जिला न्यायाधीश-1 मंडी की अदालत ने अपील की खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। करसोग में भूमि मालिकाना हक के विवाद में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश-1 मंडी की अदालत ने भाग चंद की अपील खारिज करते हुए निचली अदालत के यथास्थिति बनाए रखने के आदेश को बरकरार रखा है। मामला गांव की करीब 15 बिस्वा भूमि से जुड़ा है। भास्कर का दावा है कि 1995 में भूमि के आदान-प्रदान के बाद जमीन उसके हिस्से में आई थी, जबकि राजस्व रिकॉर्ड में यह अब भी संयुक्त स्वामित्व में दर्ज है। वहीं, भाग चंद ने किसी भूमि आदान-प्रदान से इनकार करते हुए जमीन को संयुक्त बताते हुए विभाजन की कार्रवाई शुरू की थी। अदालत ने कहा कि स्वामित्व का विवाद साक्ष्यों के आधार पर मुख्य मुकदमे में तय होगा। तब तक संपत्ति की प्रकृति और कब्जा सुरक्षित रखने के लिए यथास्थिति का आदेश उचित है। अदालत ने 30 अगस्त 2025 के निचली अदालत के आदेश में हस्तक्षेप से इन्कार करते हुए अपील खारिज कर दी।
दोनों पक्षों को 29 सितंबर को ट्रायल कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अपील में की गई टिप्पणियों का मुख्य मुकदमे के अंतिम फैसले पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। करसोग में भूमि मालिकाना हक के विवाद में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश-1 मंडी की अदालत ने भाग चंद की अपील खारिज करते हुए निचली अदालत के यथास्थिति बनाए रखने के आदेश को बरकरार रखा है। मामला गांव की करीब 15 बिस्वा भूमि से जुड़ा है। भास्कर का दावा है कि 1995 में भूमि के आदान-प्रदान के बाद जमीन उसके हिस्से में आई थी, जबकि राजस्व रिकॉर्ड में यह अब भी संयुक्त स्वामित्व में दर्ज है। वहीं, भाग चंद ने किसी भूमि आदान-प्रदान से इनकार करते हुए जमीन को संयुक्त बताते हुए विभाजन की कार्रवाई शुरू की थी। अदालत ने कहा कि स्वामित्व का विवाद साक्ष्यों के आधार पर मुख्य मुकदमे में तय होगा। तब तक संपत्ति की प्रकृति और कब्जा सुरक्षित रखने के लिए यथास्थिति का आदेश उचित है। अदालत ने 30 अगस्त 2025 के निचली अदालत के आदेश में हस्तक्षेप से इन्कार करते हुए अपील खारिज कर दी।
दोनों पक्षों को 29 सितंबर को ट्रायल कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अपील में की गई टिप्पणियों का मुख्य मुकदमे के अंतिम फैसले पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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