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Mandi News: उपभोक्ता की मर्जी पर प्रीपेड होगा स्मार्ट मीटर
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मीटर लगाने से रोकने पर अस्थायी रूप से कटेगी बिजली
मीटर लगाने में सहयोग करें सभी उपभोक्ता : एसडीओ
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। प्रदेशभर में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ता असमंजस में हैं कि इससे उन्हें नुकसान झेलना पड़ेगा। सहायक अभियंता नरेश ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि जब तक उपभोक्ता नहीं चाहेगा, स्मार्ट मीटर को प्रीपेड नहीं किया जा सकता। इस मीटर से उपभोक्ताओं को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं है, इसीलिए सभी उपभोक्ता मीटर लगवाने में सहयोग करें। विद्युत बोर्ड की ओर से मंडी शहर में निजी कंपनी की मदद से स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जा रहे हैं।
बोर्ड प्रबंधन उपभोक्ताओं को जागरूक भी कर रहा है। बावजूद इसके अधिकांश उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगवाने में आनाकानी कर रहे हैं, जिससे यह कार्य समय पर पूरा नहीं हो पा रहा। विद्युत बोर्ड के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए इस कार्य में सहयोग की बात कही है। यदि कर्मचारियों को रोका जाता है तो उनकी शिकायत पर उपभोक्ता को 24 घंटे का नोटिस जारी कर उसके बाद अस्थायी तौर पर उनकी बिजली आपूर्ति काट दी जाएगी।
सहायक अभियंता ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद किसी तरह की शुल्क दर और अनुदान योजना में परिवर्तन नहीं होगा। स्मार्ट मीटर केंद्र सरकार की नवीनीकरण योजना है। इसमें उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सहित अन्य आशंकाओं की पारदर्शीता रखी है। केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश भर में लगाए गए पारंपरिक विद्युत मीटरों को चरणबद्ध ढंग से बदला जा रहा है, लेकिन सोशल मीडिया में फैलाए जा रहे दुष्प्रचारों से अधिकांश उपभोक्ता असमंजस के चलते मीटर नहीं लगवा रहे।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण मीटर संशोधन विनियम के अनुसार जिन क्षेत्रों में संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां निर्धारित समयावधि में स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य किया है।
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मीटर लगाने में सहयोग करें सभी उपभोक्ता : एसडीओ
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। प्रदेशभर में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ता असमंजस में हैं कि इससे उन्हें नुकसान झेलना पड़ेगा। सहायक अभियंता नरेश ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि जब तक उपभोक्ता नहीं चाहेगा, स्मार्ट मीटर को प्रीपेड नहीं किया जा सकता। इस मीटर से उपभोक्ताओं को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं है, इसीलिए सभी उपभोक्ता मीटर लगवाने में सहयोग करें। विद्युत बोर्ड की ओर से मंडी शहर में निजी कंपनी की मदद से स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जा रहे हैं।
बोर्ड प्रबंधन उपभोक्ताओं को जागरूक भी कर रहा है। बावजूद इसके अधिकांश उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगवाने में आनाकानी कर रहे हैं, जिससे यह कार्य समय पर पूरा नहीं हो पा रहा। विद्युत बोर्ड के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए इस कार्य में सहयोग की बात कही है। यदि कर्मचारियों को रोका जाता है तो उनकी शिकायत पर उपभोक्ता को 24 घंटे का नोटिस जारी कर उसके बाद अस्थायी तौर पर उनकी बिजली आपूर्ति काट दी जाएगी।
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सहायक अभियंता ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद किसी तरह की शुल्क दर और अनुदान योजना में परिवर्तन नहीं होगा। स्मार्ट मीटर केंद्र सरकार की नवीनीकरण योजना है। इसमें उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सहित अन्य आशंकाओं की पारदर्शीता रखी है। केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश भर में लगाए गए पारंपरिक विद्युत मीटरों को चरणबद्ध ढंग से बदला जा रहा है, लेकिन सोशल मीडिया में फैलाए जा रहे दुष्प्रचारों से अधिकांश उपभोक्ता असमंजस के चलते मीटर नहीं लगवा रहे।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण मीटर संशोधन विनियम के अनुसार जिन क्षेत्रों में संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां निर्धारित समयावधि में स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य किया है।