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जरूरतमंद कलाकारों ने निशुल्क संगीत सिखा रहीं शुक्ला शर्मा
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पुरानी मंडी स्थित अपने घर पर शिष्य को शास्त्रीय गायन की शिक्षा देते शुक्ला शर्मा संवाद
- फोटो : Mandi
मंडी। संगीतज्ञ और सेवानिवृत्त कॉलेज प्राचार्य शुक्ला शर्मा संगीत साधक गरीब और युवाओं को निशुल्क संगीत का सरगम सिखा रही हैं। सेवाकाल के दौरान भी वे समाजसेवा के साथ संगीत साधकों की मदद करती रहीं।
इस समय वे पुरानी मंडी स्थित घर पर निशुल्क संगीत सीखा रही हैं। उन्होंने 34 वर्षों में हजारों संगीत साधकों को तालीम दी। इनमें से बहुत से लोग देश और प्रदेश में बड़े-बड़े औहदों पर सेवारत हैं। कई लोग कॉलेज प्रो. संगीतकार, राजनेता और अन्य व्यवसाय में हैं। बिलासपुर के पूर्व मंत्री राम लाल ठाकुर, संगीत प्रो. मीना वर्मा, गायिका रविकांता कश्यप, प्रो. अनुपमा, क्रिकेटर शक्ति सिंह समेत कई अन्य चर्चित लोग उनके शिष्य रह चुके हैं।
शुक्ला ने बताया कि नौकरी के दौरान उनके घर पर संगीत सीखने वालों की भीड़ लगी रहती थी। उन्हें बहुत ही सहज भाव से निशुल्क शिक्षा दी है। यह क्रम आज भी जारी है। अकादमियों में फीस में अक्षम 12 से 15 युवा और बच्चे उनसे शास्त्रीय गायन की तालीम ले रहे हैं। संगीत क्षेत्र में बेहतर कार्यों के लिए बहुत सी संस्थानों और सरकार उन्हें पुरस्कृत कर चुकी हैं। 1946 में मंडी शहर के समखेतर में रेलुराम के घर जन्मी शुक्ला शर्मा ने बचपन से ही पिता से संगीत की शिक्षा ली।
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उच्च शिक्षा के बाद 1966-68 तक शिमला रेडियो स्टेशन में बतौर कैजुअल आर्टिस्ट काम किया। बाद में मंडी कॉलेज से बतौर संगीत प्रोफेसर काम शुरू किया। उनकी दो बेटियां हैं जो परिवार के साथ अमेरिका में रहती हैं। वर्ष 2003 में कुल्लू जिला के महाविद्यालय से वे बतौर प्राचार्य सेवानिवृत्त हुईं।
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इस समय वे पुरानी मंडी स्थित घर पर निशुल्क संगीत सीखा रही हैं। उन्होंने 34 वर्षों में हजारों संगीत साधकों को तालीम दी। इनमें से बहुत से लोग देश और प्रदेश में बड़े-बड़े औहदों पर सेवारत हैं। कई लोग कॉलेज प्रो. संगीतकार, राजनेता और अन्य व्यवसाय में हैं। बिलासपुर के पूर्व मंत्री राम लाल ठाकुर, संगीत प्रो. मीना वर्मा, गायिका रविकांता कश्यप, प्रो. अनुपमा, क्रिकेटर शक्ति सिंह समेत कई अन्य चर्चित लोग उनके शिष्य रह चुके हैं।
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शुक्ला ने बताया कि नौकरी के दौरान उनके घर पर संगीत सीखने वालों की भीड़ लगी रहती थी। उन्हें बहुत ही सहज भाव से निशुल्क शिक्षा दी है। यह क्रम आज भी जारी है। अकादमियों में फीस में अक्षम 12 से 15 युवा और बच्चे उनसे शास्त्रीय गायन की तालीम ले रहे हैं। संगीत क्षेत्र में बेहतर कार्यों के लिए बहुत सी संस्थानों और सरकार उन्हें पुरस्कृत कर चुकी हैं। 1946 में मंडी शहर के समखेतर में रेलुराम के घर जन्मी शुक्ला शर्मा ने बचपन से ही पिता से संगीत की शिक्षा ली।
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उच्च शिक्षा के बाद 1966-68 तक शिमला रेडियो स्टेशन में बतौर कैजुअल आर्टिस्ट काम किया। बाद में मंडी कॉलेज से बतौर संगीत प्रोफेसर काम शुरू किया। उनकी दो बेटियां हैं जो परिवार के साथ अमेरिका में रहती हैं। वर्ष 2003 में कुल्लू जिला के महाविद्यालय से वे बतौर प्राचार्य सेवानिवृत्त हुईं।