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Mandi News: सीमा ने महिला मंडल मकडैना के साथ मनाई दिवाली
Mon, 20 Oct 2025 05:19 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Mon, 20 Oct 2025 05:19 AM IST
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दिया आत्मनिर्भर भारत का संदेश, स्थानीय स्तर पर तैयार विशेष स्वदेशी हैंपर वितरित किए
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। दिवाली के अवसर पर शांति देवी फाउंडेशन स्वयंसेवी संस्था की क्षेत्रीय समन्वयक सीमा वालिया ने वोकल फॉर लोकल अभियान को प्रोत्साहित करते हुए समाज में स्वदेशी अपनाने की प्रेरणा दी। सीमा ने महिला मंडल मकड़ैना की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर तैयार किए विशेष स्वदेशी दिवाली हैंपर वितरित किए। इन हैंपर में हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण कारीगरों और महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से बनाए उत्पाद जिनमें शहद, मठड़ी, नमकीन, सिरा, अचार आदि शामिल हैं।
सीमा ने बताया कि देश में हुनर की कमी नहीं है। अगर हम अपने स्थानीय उत्पादों को अपनाएंगे तो गांव-गांव में रोजगार बढ़ेगा और छोटे उद्योगों को नई ताकत मिलेगी। शांति देवी फाउंडेशन की ओर से संचालित यह पहल ग्रामीण स्तर पर महिला सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। इस अभियान से प्रेरित होकर क्षेत्र की कई महिलाओं ने निर्णय लिया है कि वे अपने घरों में आने वाले सभी त्योहार स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों से ही मनाएंगी। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन लगातार समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तीकरण के लिए कार्यरत है और वोकल फॉर लोकल जैसी पहलों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का प्रयास कर रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। दिवाली के अवसर पर शांति देवी फाउंडेशन स्वयंसेवी संस्था की क्षेत्रीय समन्वयक सीमा वालिया ने वोकल फॉर लोकल अभियान को प्रोत्साहित करते हुए समाज में स्वदेशी अपनाने की प्रेरणा दी। सीमा ने महिला मंडल मकड़ैना की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर तैयार किए विशेष स्वदेशी दिवाली हैंपर वितरित किए। इन हैंपर में हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण कारीगरों और महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से बनाए उत्पाद जिनमें शहद, मठड़ी, नमकीन, सिरा, अचार आदि शामिल हैं।
सीमा ने बताया कि देश में हुनर की कमी नहीं है। अगर हम अपने स्थानीय उत्पादों को अपनाएंगे तो गांव-गांव में रोजगार बढ़ेगा और छोटे उद्योगों को नई ताकत मिलेगी। शांति देवी फाउंडेशन की ओर से संचालित यह पहल ग्रामीण स्तर पर महिला सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। इस अभियान से प्रेरित होकर क्षेत्र की कई महिलाओं ने निर्णय लिया है कि वे अपने घरों में आने वाले सभी त्योहार स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों से ही मनाएंगी। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन लगातार समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तीकरण के लिए कार्यरत है और वोकल फॉर लोकल जैसी पहलों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का प्रयास कर रही है।
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