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Mandi News: दूसरा खाबू पंचायत के उप प्रधान निलंबित
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रिवालसर (मंडी)। जिला पंचायत अधिकारी मंडी अंचित डोगरा ने विकास खंड बल्ह की ग्राम पंचायत दूसरा खाबू के उपप्रधान यादविंद्र शर्मा को तत्काल प्रभाव से उनके पद से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पंचायत स्तर पर गंभीर अनियमितताओं और नियम उल्लंघन के प्रथम दृष्टया प्रमाण मिलने के बाद की गई है। उपप्रधान के उत्तर संतोषजनक और तर्कसंगत नहीं पाए गए।
वार्ड सदस्य देश राज की ओर से उपप्रधान के खिलाफ की गई शिकायत पर खंड विकास अधिकारी बल्ह से प्रारंभिक जांच करवाई गई। जांच में पाया गया कि मनरेगा मद के तहत कार्य में उपप्रधान ने स्वयं को मजदूर के रूप में दर्ज किया जबकि उसी दिन वह पंचायत बैठक में उपस्थित थे। इससे फर्जी हाजिरी लगाई गई। उपप्रधान ने यह राशि बाद में पंचायत खाते में जमा करवाई, जिससे यह आरोप सत्यापित हुआ। इसके अतिरिक्त आरोप है कि उन्होंने वार्ड पांच के लिए स्वीकृत निर्माण कार्य को दूसरी जगह करवा दिया, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। पंचायत सचिव चूड़ामणी ने भी बयान दिया कि उपप्रधान की ओर से प्रस्तुत परिवार नकल फर्जी और हस्तलिखित थी, जिस पर उनके हस्ताक्षर नहीं थे। यह आरोपों से बचने का प्रयास माना गया।
जांच रिपोर्ट और असंतोषजनक स्पष्टीकरण को देखते हुए जिला पंचायत अधिकारी ने पंचायती राज अधिनियम 1994 के तहत उपप्रधान को निलंबित कर दिया। आदेशानुसार उपप्रधान को पंचायत से जुड़े सभी अभिलेख, धनराशि और संपत्ति तुरंत पंचायत सचिव को सौंपनी होगी। उधर, जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा ने निलंबन की पुष्टि की है।
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वार्ड सदस्य देश राज की ओर से उपप्रधान के खिलाफ की गई शिकायत पर खंड विकास अधिकारी बल्ह से प्रारंभिक जांच करवाई गई। जांच में पाया गया कि मनरेगा मद के तहत कार्य में उपप्रधान ने स्वयं को मजदूर के रूप में दर्ज किया जबकि उसी दिन वह पंचायत बैठक में उपस्थित थे। इससे फर्जी हाजिरी लगाई गई। उपप्रधान ने यह राशि बाद में पंचायत खाते में जमा करवाई, जिससे यह आरोप सत्यापित हुआ। इसके अतिरिक्त आरोप है कि उन्होंने वार्ड पांच के लिए स्वीकृत निर्माण कार्य को दूसरी जगह करवा दिया, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। पंचायत सचिव चूड़ामणी ने भी बयान दिया कि उपप्रधान की ओर से प्रस्तुत परिवार नकल फर्जी और हस्तलिखित थी, जिस पर उनके हस्ताक्षर नहीं थे। यह आरोपों से बचने का प्रयास माना गया।
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जांच रिपोर्ट और असंतोषजनक स्पष्टीकरण को देखते हुए जिला पंचायत अधिकारी ने पंचायती राज अधिनियम 1994 के तहत उपप्रधान को निलंबित कर दिया। आदेशानुसार उपप्रधान को पंचायत से जुड़े सभी अभिलेख, धनराशि और संपत्ति तुरंत पंचायत सचिव को सौंपनी होगी। उधर, जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा ने निलंबन की पुष्टि की है।
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