{"_id":"68696d790590b0ada00548d2","slug":"searching-for-loved-ones-they-scoured-rivers-and-streams-from-mandi-to-punjab-mandi-news-c-90-1-ssml1025-161369-2025-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: अपनों की तलाश में मंडी से पंजाब तक छाने नदी-नाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: अपनों की तलाश में मंडी से पंजाब तक छाने नदी-नाले
विज्ञापन
मंडी। सराज के पंगलियुर से बही अपनी बहन उमावती और उसके परिवार के लोगों की तलाश में क्षेत्रीय अस्पताल मंडी की सुरक्षा में तैनात भूमे राम अब तक मंडी से लेकर पंजाब तक के नदी-नालों को छान चुके हैं। अभी तक भांजी कनिका और उसकी दादी का शव बरामद हुआ है। जब कहीं से भी उन्हें शव मिलने की सूचना मिल रही है, वह गाड़ी लेकर शिनाख्त के लिए पहुंच रहे हैं।
अपनों की तलाश में भूमे राम पांच दिन से न तो ठीक से भोजन कर पाए हैं और न ही सो सके हैं। शनिवार को जिला हमीरपुर के नादौन में एक शव मिला है, जिसकी पहचान न होने पर शव उनके जीजा का होने की उम्मीद जताई जा रही है। भूमे राम ने मंडी से कांढापत्तन, जोगिंद्रनगर, नादौन हमीरपुर, नंगल, ऊना व कोलडैम बिलासपुर तक जांच की है।
उनकी बहन, जीजा, भांजा, बहन के ससुर और ससुर की माता अभी तक बरामद नहीं हुए हैं। शनिवार को ड्यूटी पर लौटे भूमे राम ने रुंधे गले से बताया कि उमा उनके चाचा की बेटी थी। नम आंखों से भूमे राम ने बताया कि हादसे की रात करीब 11:30 बजे उसकी बहन ने मोबाइल के माध्यम से मदद के लिए गुहार लगाई। बताया कि घर के चारों तरफ बाढ़ आ गई है। अचानक मकान के ढहने से सभी की आवाज बंद हो गई। सुबह होने से पहले ही वह अपनों की तलाश में उनके गांव तक जैसे कैसे कर पहुंच गए, लेकिन चारों तरफ का मंजर देख समझने में देरी नहीं लगी कि अब उनका वहां कोई नहीं है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
अपनों की तलाश में भूमे राम पांच दिन से न तो ठीक से भोजन कर पाए हैं और न ही सो सके हैं। शनिवार को जिला हमीरपुर के नादौन में एक शव मिला है, जिसकी पहचान न होने पर शव उनके जीजा का होने की उम्मीद जताई जा रही है। भूमे राम ने मंडी से कांढापत्तन, जोगिंद्रनगर, नादौन हमीरपुर, नंगल, ऊना व कोलडैम बिलासपुर तक जांच की है।
विज्ञापन
उनकी बहन, जीजा, भांजा, बहन के ससुर और ससुर की माता अभी तक बरामद नहीं हुए हैं। शनिवार को ड्यूटी पर लौटे भूमे राम ने रुंधे गले से बताया कि उमा उनके चाचा की बेटी थी। नम आंखों से भूमे राम ने बताया कि हादसे की रात करीब 11:30 बजे उसकी बहन ने मोबाइल के माध्यम से मदद के लिए गुहार लगाई। बताया कि घर के चारों तरफ बाढ़ आ गई है। अचानक मकान के ढहने से सभी की आवाज बंद हो गई। सुबह होने से पहले ही वह अपनों की तलाश में उनके गांव तक जैसे कैसे कर पहुंच गए, लेकिन चारों तरफ का मंजर देख समझने में देरी नहीं लगी कि अब उनका वहां कोई नहीं है। संवाद
विज्ञापन