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Mandi News: एसडीएम ने दिए एफआरसी सक्रिय करने के निर्देश
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थुनाग (मंडी)। लघु सचिवालय थुनाग में शुक्रवार को एसडीएम लक्ष्मण कनेट की अध्यक्षता में वन अधिकार कानून (एफआरए) पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला हुई।
इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। एसडीएम लक्ष्मण कनेट ने उपस्थित अधिकारियों को एफआरए के तहत मुहाल स्तर पर गठित वन अधिकार समितियों (एफआरसी) को 31 मई तक सक्रिय करने के सख्त निर्देश दिए। कहा कि सुनिश्चित किया जाए कि ग्राम सभाओं के माध्यम से दावों को समयबद्ध तरीके से निपटाया जाए।
कार्यशाला में व्यक्तिगत और सामुदायिक दावों के निपटारे पर भी चर्चा हुई। वन अधिकार अधिनियम, 2006 (एफआरए) के तहत व्यक्तिगत दावा वे लोग कर सकते हैं जो वन भूमि पर पारंपरिक रूप से निर्भर रहे हैं। दावेदार को यह साबित करना होगा कि वह 13 दिसंबर 2005 से पहले से वन भूमि पर काबिज है। एसडीएम ने बताया कि व्यक्तिगत और सामुदायिक दावों को ग्राम सभा में जमा करने के बाद वन अधिकार समिति (एफआरसी) उनका सत्यापन करेगी। संवाद
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इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। एसडीएम लक्ष्मण कनेट ने उपस्थित अधिकारियों को एफआरए के तहत मुहाल स्तर पर गठित वन अधिकार समितियों (एफआरसी) को 31 मई तक सक्रिय करने के सख्त निर्देश दिए। कहा कि सुनिश्चित किया जाए कि ग्राम सभाओं के माध्यम से दावों को समयबद्ध तरीके से निपटाया जाए।
कार्यशाला में व्यक्तिगत और सामुदायिक दावों के निपटारे पर भी चर्चा हुई। वन अधिकार अधिनियम, 2006 (एफआरए) के तहत व्यक्तिगत दावा वे लोग कर सकते हैं जो वन भूमि पर पारंपरिक रूप से निर्भर रहे हैं। दावेदार को यह साबित करना होगा कि वह 13 दिसंबर 2005 से पहले से वन भूमि पर काबिज है। एसडीएम ने बताया कि व्यक्तिगत और सामुदायिक दावों को ग्राम सभा में जमा करने के बाद वन अधिकार समिति (एफआरसी) उनका सत्यापन करेगी। संवाद
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