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मजदूरों के 500 करोड़ रुपये रोके : भूपेंद्र
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धर्मपुर (मंडी)। मनरेगा एवं निर्माण मजदूर फेडरेशन के राज्य उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड पिछले तीन साल से मजदूरों के लाभ जारी नहीं कर रहा है।
सवा लाख मजदूरों का 500 करोड़ रुपये गैर कानूनी तौर पर रोका हुआ है। श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत मजदूरों को एक साल में 90 दिन काम करने पर बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति, विवाह शादी के लिए सहायता, बीमारी के इलाज के लिए, घर बनाने, दुर्घटनाग्रस्त होने, एकल महिला मजदूरों एवं मृत्यु होने तथा पेंशन इत्यादि के लिए सहायता प्रदान की जाती है।
इसके लिए ग्राम पंचायत के सचिव की ओर से हस्ताक्षरित रोजगार प्रमाण पत्र लगाया जाता है लेकिन बोर्ड के सचिव जो स्वयं एक प्रशासनिक अधिकारी हैं वह ही ग्राम पंचायत के सचिव की ओर से जारी किए गए प्रमाण पत्र को मानने से इन्कार कर रहे हैं। संवाद
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सवा लाख मजदूरों का 500 करोड़ रुपये गैर कानूनी तौर पर रोका हुआ है। श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत मजदूरों को एक साल में 90 दिन काम करने पर बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति, विवाह शादी के लिए सहायता, बीमारी के इलाज के लिए, घर बनाने, दुर्घटनाग्रस्त होने, एकल महिला मजदूरों एवं मृत्यु होने तथा पेंशन इत्यादि के लिए सहायता प्रदान की जाती है।
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इसके लिए ग्राम पंचायत के सचिव की ओर से हस्ताक्षरित रोजगार प्रमाण पत्र लगाया जाता है लेकिन बोर्ड के सचिव जो स्वयं एक प्रशासनिक अधिकारी हैं वह ही ग्राम पंचायत के सचिव की ओर से जारी किए गए प्रमाण पत्र को मानने से इन्कार कर रहे हैं। संवाद
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