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Mandi News: गर्मी से राहत पाने के लिए ब्यास में जोखिम की डुबकी
Sun, 02 Jun 2024 07:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 02 Jun 2024 07:54 PM IST
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मंडी शहर में बह रही ब्यास नदी में गर्मी की पतिश शांत करने नदी में उतरे पर्यटक। संवाद
मंडी। भारी गर्मी से राहत पाने के लिए आजकल लोग शीतल पेय पदार्थों का सेवन कर, पेड़ों की छाया व घरों में दुबके हुए हैं। वहीं, पर्यटक और स्थानीय लोग नदी-नालों व खड्डों के ठंडे पानी में उतर कर राहत पा रहे हैं। मंडी शहर में बह रही ब्यास नदी और सुकेती खड्ड में रोजाना दिन के समय बच्चे, युवा और पर्यटक जान जोखिम में डाल कर गहरे पानी में डुबकियां लगा रहे हैं।
पूर्व में कई बार ब्यास नदी का जल स्तर बढ़ने से कई हादसों में लोगों की जान गई है, लेकिन फिर भी हादसों से सबक न लेते हुए लोग हादसों को बुलावा दे रहे हैं। लोगों को नदी, नालों व खड्डों में न उतरने और जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन व पन विद्युत परियोजना प्रबंधन द्वारा जगह जगह सूचना पट्ट लगाए गए हैं, लेकिन लोग इन्हें नजरअंदाज कर बड़ी घटना को बुलावा दे रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारी व परियोजना प्रबंधन के अधिकारियों का एक ही जवाब मिल रहा है कि वह सभी लोगों की सुरक्षा का जिम्मा नहीं ले सकते, जागरूकता के लिए सूचना पट्ट लगाए हुए हैं। सूबे में आजकल पारा बढ़ने से प्रदेश भर में भारी गर्मी होने से लू चल रही है। पहाड़ों पर बर्फ व ग्लेशियर भी तेजी से पिघल रहे हैं। इसके कारण ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ गया है।
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ब्यास नदी पर पंडोह बांध और उहल नदी पर बने जलाशयों में जल स्तर बढ़ने पर पानी छोड़ा जा रहा है। अधिक पानी छोड़ने की पूर्व सूचना तो दी जा रही है, लेकिन इससे अनजान लोग नदी में नहाते हुए अपनी जान से हाथ धो सकते हैं। वर्ष 2014 में भी हैदराबाद के एक निजी कॉलेज के 26 प्रशिक्षुओं ने नदी में उतर का जान गंवाई थी।
उधर, एसडीएम सदर मंडी ओमकांत ठाकुर ने बताया कि पुलिस प्रशासन को गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए जाएंगे। नदी किनारे जगह जगह जागरूकता के लिए सूचना पट्ट लगाए गए हैं। लोगों को भी सहयोग करना चाहिए।
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पूर्व में कई बार ब्यास नदी का जल स्तर बढ़ने से कई हादसों में लोगों की जान गई है, लेकिन फिर भी हादसों से सबक न लेते हुए लोग हादसों को बुलावा दे रहे हैं। लोगों को नदी, नालों व खड्डों में न उतरने और जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन व पन विद्युत परियोजना प्रबंधन द्वारा जगह जगह सूचना पट्ट लगाए गए हैं, लेकिन लोग इन्हें नजरअंदाज कर बड़ी घटना को बुलावा दे रहे हैं।
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प्रशासनिक अधिकारी व परियोजना प्रबंधन के अधिकारियों का एक ही जवाब मिल रहा है कि वह सभी लोगों की सुरक्षा का जिम्मा नहीं ले सकते, जागरूकता के लिए सूचना पट्ट लगाए हुए हैं। सूबे में आजकल पारा बढ़ने से प्रदेश भर में भारी गर्मी होने से लू चल रही है। पहाड़ों पर बर्फ व ग्लेशियर भी तेजी से पिघल रहे हैं। इसके कारण ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ गया है।
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ब्यास नदी पर पंडोह बांध और उहल नदी पर बने जलाशयों में जल स्तर बढ़ने पर पानी छोड़ा जा रहा है। अधिक पानी छोड़ने की पूर्व सूचना तो दी जा रही है, लेकिन इससे अनजान लोग नदी में नहाते हुए अपनी जान से हाथ धो सकते हैं। वर्ष 2014 में भी हैदराबाद के एक निजी कॉलेज के 26 प्रशिक्षुओं ने नदी में उतर का जान गंवाई थी।
उधर, एसडीएम सदर मंडी ओमकांत ठाकुर ने बताया कि पुलिस प्रशासन को गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए जाएंगे। नदी किनारे जगह जगह जागरूकता के लिए सूचना पट्ट लगाए गए हैं। लोगों को भी सहयोग करना चाहिए।