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Mandi News: राजस्व विभाग ने 20 दिन के बाद भी नहीं सौंपी मोमबत्ती के घर की रिपोर्ट
Thu, 02 Jan 2025 11:42 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 02 Jan 2025 11:42 AM IST
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मंडी। जिला मुख्यालय के जेल रोड में चिट्टे के साथ गिरफ्तार उमा देवी उर्फ मोमबत्ती का घर सरकारी जमीन पर है या नहीं। इसका अभी खुलासा नहीं हो सका है। राजस्व विभाग 20 दिन के बाद भी नगर निगम मंडी को अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप पाया है। मामला हिमाचल प्रदेश टाउन एवं कंट्री प्लानिंग (एचपीटीसीपी) अधिनियम 1977 की धारा-39 के तहत नगर निगम आयुक्त कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में सुनवाई में देरी हो रही है।
नगर निगम मंडी अपने स्तर पर उमा उर्फ मोमबत्ती के घर की निशानदेही करवा चुका है। जांच के अनुसार आरोपी उमा उर्फ मोमबत्ती का घर सरकारी जमीन पर है। मामले में कार्रवाई से पहले नगर निगम राजस्व विभाग से भी भूमि की पहचान और सत्यापन करवाना चाहता है। इसे लेकर नगर निगम आयुक्त ने 10 दिसंबर को सदर मंडी के तहसीलदार को पत्र भेजा था।
पत्र के माध्यम से उन्होंने राजस्व विभाग के फील्ड स्टाफ को मौके पर जाकर अनाधिकृत निर्माण कार्य के संबंध में रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए थे, ताकि उसी के अनुसार आगामी कार्रवाई की जा सके। नगर निगम मंडी का मानना है कि अतिक्रमणकर्ता के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने से पहले यह स्पष्ट किया जाएगा कि उक्त भूमि हिमाचल प्रदेश सरकार के नाम पर है या नहीं। ऐसे में चिट्टा तस्कर मोमबत्ती का बहुचर्चित मामला लटकता जा रहा है।
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पुलिस अदालत में पेश कर चुकी है चालान
पुलिस ने 20 अक्तूबर को 34 ग्राम चिट्टे के साथ उमा उर्फ मोमबत्ती को घर में बेटे और भतीजे के साथ गिरफ्तार किया था। इससे पहले नगर निगम मंडी उसे घर में अवैध निर्माण को लेकर नोटिस भेज चुका था। छठी बार गिरफ्तार होने पर प्रशासन ने नगर निगम को उमा के घर और संपत्ति की जांच करने के आदेश दिए थे। इसके बाद पुलिस की मदद से नगर निगम की टीम ने घर और आसपास जमीन की पैमाइश की थी। उधर, जेल में बंद उमा के मामले की पुलिस प्रशासन जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश कर चुका है।
उमा उर्फ मोमबत्ती मामले में जमीन के सत्यापन और भूमि की पहचान को लेकर तहसीलदार मंडी को पत्र भेजा गया था। अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है। इस वजह से मामले की सुनवाई में देरी हो रही है।
-एचएस राणा, आयुक्त, नगर निगम मंडी।
मुझे सदर तहसील का अतिरिक्त कार्यभार मिला है। अनाधिकृत निर्माण कार्य के संबंध में रिपोर्ट भेजने को लेकर वीरवार को सदर तहसील के अधिकारियों से पूछा जाएगा।
-आशीष ठाकुर, तहसीलदार, कोटली
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नगर निगम मंडी अपने स्तर पर उमा उर्फ मोमबत्ती के घर की निशानदेही करवा चुका है। जांच के अनुसार आरोपी उमा उर्फ मोमबत्ती का घर सरकारी जमीन पर है। मामले में कार्रवाई से पहले नगर निगम राजस्व विभाग से भी भूमि की पहचान और सत्यापन करवाना चाहता है। इसे लेकर नगर निगम आयुक्त ने 10 दिसंबर को सदर मंडी के तहसीलदार को पत्र भेजा था।
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पत्र के माध्यम से उन्होंने राजस्व विभाग के फील्ड स्टाफ को मौके पर जाकर अनाधिकृत निर्माण कार्य के संबंध में रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए थे, ताकि उसी के अनुसार आगामी कार्रवाई की जा सके। नगर निगम मंडी का मानना है कि अतिक्रमणकर्ता के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने से पहले यह स्पष्ट किया जाएगा कि उक्त भूमि हिमाचल प्रदेश सरकार के नाम पर है या नहीं। ऐसे में चिट्टा तस्कर मोमबत्ती का बहुचर्चित मामला लटकता जा रहा है।
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पुलिस अदालत में पेश कर चुकी है चालान
पुलिस ने 20 अक्तूबर को 34 ग्राम चिट्टे के साथ उमा उर्फ मोमबत्ती को घर में बेटे और भतीजे के साथ गिरफ्तार किया था। इससे पहले नगर निगम मंडी उसे घर में अवैध निर्माण को लेकर नोटिस भेज चुका था। छठी बार गिरफ्तार होने पर प्रशासन ने नगर निगम को उमा के घर और संपत्ति की जांच करने के आदेश दिए थे। इसके बाद पुलिस की मदद से नगर निगम की टीम ने घर और आसपास जमीन की पैमाइश की थी। उधर, जेल में बंद उमा के मामले की पुलिस प्रशासन जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश कर चुका है।
उमा उर्फ मोमबत्ती मामले में जमीन के सत्यापन और भूमि की पहचान को लेकर तहसीलदार मंडी को पत्र भेजा गया था। अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है। इस वजह से मामले की सुनवाई में देरी हो रही है।
-एचएस राणा, आयुक्त, नगर निगम मंडी।
मुझे सदर तहसील का अतिरिक्त कार्यभार मिला है। अनाधिकृत निर्माण कार्य के संबंध में रिपोर्ट भेजने को लेकर वीरवार को सदर तहसील के अधिकारियों से पूछा जाएगा।
-आशीष ठाकुर, तहसीलदार, कोटली