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Mandi News: आग की बड़ी घटना पर काबू पाने के लिए हेलीकॉप्टर से होगा रेस्क्यू ऑपरेशन
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दहक रहे जंगलों को आग से बचाने के लिए फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की मॉनिटरिंग के बाद तैयारियां शुरू : अश्वनी कुमार
कंट्रोल वर्निंग और फायर लाइन खींचकर जंगलों को बचाने के लिए वन विभाग ने तैनात किए सैकड़ों वालंटियर
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश में लगातार दहक रहे जंगलों को आग से सुरक्षित बचाने के लिए हेलीकॉप्टर से भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मई माह में अचानक तापमान बढ़ने के बाद प्रदेश के साथ मुख्य जिलों में आग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया देहरादून ने इसकी मॉनिटरिंग के बाद तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
जंगलों को आग से बचाने के लिए एक और जहां काउंटर फायर वन विभाग की ओर से किया जा रहा है। वहीं, कंट्रोल वर्निंग और फायर लाइन खींचकर भी जंगलों को आग से बचाने के लिए वन विभाग के सैकड़ों वालंटियरों को फील्ड पर तैनात किया गया है। शनिवार को वन मंडल जोगिंद्रनगर के एसीएफ अश्वनी कुमार ने बताया कि अप्रैल और मई माह में हुई आग की कुल 27 घटनाओं में 112 हेक्टेयर बहुमूल्य वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। इनमें 27 हेक्टेयर भूमि पर लगाया प्लांटेशन भी जलकर राख हो गई। लाखों के नुकसान जंगलों की आग से पहुंचा है। मई माह में सात दिन के भीतर आग की 12 घटनाओं से बीस हेक्टेयर जंगल चपेट में आए हैं और अब आग की बड़ी घटनाओं से निपटने के लिए हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की भी तैयारी शुरू कर दी है।
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जोगिंद्रनगर में एक सप्ताह में 12 घटनाएं
मंडी जिला के वन मंडल जोगिंद्रनगर में एक सप्ताह के भीतर आग की 12 घटनाओं के बाद जायका प्रोजेक्ट के 66 स्वयं सहायता समूह के 860 स्वयंसेवी भी जंगलों की आग से निपटने के लिए तैनात किए गए हैं, जबकि वन मंडल के 6 परिक्षेत्रों में बीस से अधिक बीओ, 55 वन रक्षक और 50 फायर वाचर भी जंगलों की निगरानी कर रहे हैं। वन मंडल जोगिंद्रनगर, कमलाह और लडभड़ोल क्षेत्र में आग की सबसे अधिक घटनाओं को देखते हुए करीब नौ सौ स्वयं सेवियों को फिल्ड पर तैनात किया गया है। इनमें वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। इधर वन मंडलाधिकारी जोगिंद्रनगर कमल भारती ने बताया कि मंडी जिला के वन मंडल जोगिंद्रनगर में आग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए करीब नौ सौ स्वयंसेवियों को वन विभाग ने तैनात कर रखा है। मंडी पठानकोट हाईवे से सटे जंगलों को आग से बचाने के लिए दमकल विभाग का सहयोग लिया जा रहा है। गर्मी के मौसम में अगर आग की कोई भी बड़ी घटना जंगलों में घटती है तो इस पर काबू पाने के लिए हेलिकॉप्टर से भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए वन विभाग तैयार है।
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कंट्रोल वर्निंग और फायर लाइन खींचकर जंगलों को बचाने के लिए वन विभाग ने तैनात किए सैकड़ों वालंटियर
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश में लगातार दहक रहे जंगलों को आग से सुरक्षित बचाने के लिए हेलीकॉप्टर से भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मई माह में अचानक तापमान बढ़ने के बाद प्रदेश के साथ मुख्य जिलों में आग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए फोरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया देहरादून ने इसकी मॉनिटरिंग के बाद तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
जंगलों को आग से बचाने के लिए एक और जहां काउंटर फायर वन विभाग की ओर से किया जा रहा है। वहीं, कंट्रोल वर्निंग और फायर लाइन खींचकर भी जंगलों को आग से बचाने के लिए वन विभाग के सैकड़ों वालंटियरों को फील्ड पर तैनात किया गया है। शनिवार को वन मंडल जोगिंद्रनगर के एसीएफ अश्वनी कुमार ने बताया कि अप्रैल और मई माह में हुई आग की कुल 27 घटनाओं में 112 हेक्टेयर बहुमूल्य वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। इनमें 27 हेक्टेयर भूमि पर लगाया प्लांटेशन भी जलकर राख हो गई। लाखों के नुकसान जंगलों की आग से पहुंचा है। मई माह में सात दिन के भीतर आग की 12 घटनाओं से बीस हेक्टेयर जंगल चपेट में आए हैं और अब आग की बड़ी घटनाओं से निपटने के लिए हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की भी तैयारी शुरू कर दी है।
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जोगिंद्रनगर में एक सप्ताह में 12 घटनाएं
मंडी जिला के वन मंडल जोगिंद्रनगर में एक सप्ताह के भीतर आग की 12 घटनाओं के बाद जायका प्रोजेक्ट के 66 स्वयं सहायता समूह के 860 स्वयंसेवी भी जंगलों की आग से निपटने के लिए तैनात किए गए हैं, जबकि वन मंडल के 6 परिक्षेत्रों में बीस से अधिक बीओ, 55 वन रक्षक और 50 फायर वाचर भी जंगलों की निगरानी कर रहे हैं। वन मंडल जोगिंद्रनगर, कमलाह और लडभड़ोल क्षेत्र में आग की सबसे अधिक घटनाओं को देखते हुए करीब नौ सौ स्वयं सेवियों को फिल्ड पर तैनात किया गया है। इनमें वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। इधर वन मंडलाधिकारी जोगिंद्रनगर कमल भारती ने बताया कि मंडी जिला के वन मंडल जोगिंद्रनगर में आग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए करीब नौ सौ स्वयंसेवियों को वन विभाग ने तैनात कर रखा है। मंडी पठानकोट हाईवे से सटे जंगलों को आग से बचाने के लिए दमकल विभाग का सहयोग लिया जा रहा है। गर्मी के मौसम में अगर आग की कोई भी बड़ी घटना जंगलों में घटती है तो इस पर काबू पाने के लिए हेलिकॉप्टर से भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए वन विभाग तैयार है।
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