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Mandi News: केरल में पेश होगी श्रमिक कल्याण बोर्ड की कारगुजारियों की रिपोर्ट
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धर्मपुर (मंडी)। हिमाचल राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड की कार्यप्रणाली और श्रमिकों को समय पर वित्तीय सहायता जारी न होने को लेकर केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में 15 फरवरी को सीटू राष्ट्रस्तर की समीक्षा बैठक करेगी। इसमें राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड के सदस्य एवं सीटू से संबंधित निर्माण मजदूर फेडरेशन के राज्य महासचिव भूपेंद्र सिंह प्रदेश की ओर से भाग लेंगे।
भूपेंद्र ने बताया कि श्रमिक कल्याण बोर्ड से चार साल की 1.7 लाख मजदूरों की 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की वित्तीय सहायता अदायगी के लिए लंबित पड़ी है। मजदूरों के कल्याण का पैसा गाड़ियों और सरकारों के प्रचार प्रसार पर खर्च हो रहा है। वह इस राष्ट्र स्तर की बैठक में हिमाचल के श्रमिक कल्याण बोर्ड की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेंगे, ताकि केंद्र सरकार के स्तर पर इसका संज्ञान लिया जा सके।
बताया कि कानून और सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के अनुसार पंजीकृत मजदूर यूनियनों को निर्माण मजदूरों को रोजगार प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार दिया था, लेकिन हिमाचल सरकार ने बीते वर्ष इसे निरस्त कर दिया था। इसका सीटू और अन्य यूनियनें लंबे समय से विरोध कर रही हैं, लेकिन राज्य सरकार इसे लागू नहीं कर रही है। इसके अलावा बोर्ड से मजदूरों को पेश आ रही समस्याओं के बारे में भी चर्चा की जाएगी। संवाद
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भूपेंद्र ने बताया कि श्रमिक कल्याण बोर्ड से चार साल की 1.7 लाख मजदूरों की 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की वित्तीय सहायता अदायगी के लिए लंबित पड़ी है। मजदूरों के कल्याण का पैसा गाड़ियों और सरकारों के प्रचार प्रसार पर खर्च हो रहा है। वह इस राष्ट्र स्तर की बैठक में हिमाचल के श्रमिक कल्याण बोर्ड की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेंगे, ताकि केंद्र सरकार के स्तर पर इसका संज्ञान लिया जा सके।
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बताया कि कानून और सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के अनुसार पंजीकृत मजदूर यूनियनों को निर्माण मजदूरों को रोजगार प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार दिया था, लेकिन हिमाचल सरकार ने बीते वर्ष इसे निरस्त कर दिया था। इसका सीटू और अन्य यूनियनें लंबे समय से विरोध कर रही हैं, लेकिन राज्य सरकार इसे लागू नहीं कर रही है। इसके अलावा बोर्ड से मजदूरों को पेश आ रही समस्याओं के बारे में भी चर्चा की जाएगी। संवाद
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