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Mandi News: सराज के दूरदराज गांवों का संपर्क कटा
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ताजा बर्फबारी के बाद सराज घाटी का चैड़ाखड़ गांव नजारा। संवाद
- फोटो : पंडित राम नरेश त्रिपाठी सभागार में स्टॉल का निरीक्षण करते प्रभारी मंत्री।
थुनाग (मंडी)। सराज क्षेत्र में बर्फबारी ने कुदरत के दोहरे रंग को उजागर किया है। एक ओर बर्फ की सफेद चादर ने इलाके को खूबसूरत वंडरलैंड में बदल दिया है तो दूसरी ओर जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़कें बंद होने, ब्लैक आइस जमने और दूरदराज गांवों का संपर्क टूटने से स्थिति गंभीर बनी हुई है।
बर्फबारी के बाद सराज की सड़कें खतरनाक हो गई हैं। बर्फ हटने के बाद सड़कों पर ब्लैक आइस (काली बर्फ) जम जाती है। यह बेहद फिसलन भरी होती है। इससे वाहन अनियंत्रित होकर फिसल जाते हैं। इस कारण वाहनों के गिरने या टकराने का खतरा बढ़ गया है।
ताजा स्थिति के अनुसार लोक निर्माण विभाग ने चैल-जंजैहली मुख्य मार्ग को छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया है, लेकिन दर्जनों अन्य सड़कें बंद हैं। इससे गाड़ागुशैण, छतरी, चिऊणी, सोमनाचनी, थाची, कलहणी सराची और बागाचनोगी जैसे दूरदराज इलाकों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
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पीडब्ल्यूडी जंजैहली के अधिशासी अभियंता नीतीश शर्मा ने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद विभाग युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। कांढ़ा, लेहगला, जंजैहली सड़क बहाल हो चुकी है। लंबाथाच, शिल्हीबागी, चिऊणी, रायगढ़ और बागाचनोगी में जेसीबी, स्नोकटर जैसी मशीनरी तैनात है। जरूरत पड़ने पर और मशीनरी भेजी जाएगी। यदि मौसम साफ रहा तो सोमवार तक सभी प्रमुख मार्ग बहाल हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि एक-दो दिन में फिर बर्फबारी हो सकती है, लेकिन तैयारी पूरी है।
एसडीएम थुनाग संजीत शर्मा ने बताया कि बर्फबारी के बाद जनजीवन सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। पेयजल सुचारु बनाने का काम चल रहा है। उन्होंने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा टालने का आग्रह किया है। यदि यात्रा अनिवार्य हो तो चेन वाली गाड़ियां इस्तेमाल करें, बहुत धीमी गति से चलें, ब्रेक का कम इस्तेमाल करें और सतर्क रहें।
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पेड़ गिरने से टूटी लाइन, अंधेरे में डूबी घाटी
गोहर से थुनाग के लिए 33 केवी की मुख्य आपूर्ति लाइन टूटने से समूची सराज घाटी अंधेरे के आगोश में समा गई है। अधिशासी अभियंता गोहर का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे मंडी के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि कांढ़ा के समीप मुख्य लाइन पर पेड़ गिरने से 33 केवी थुनाग की आपूर्ति बंद हो गई थी, जिसे अब जोड़ दिया गया है। बर्फबारी के बाद अन्य लाइनों में आई तकनीकी खराबी को दुरुस्त किया जाएगा।
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बर्फबारी के बाद सराज की सड़कें खतरनाक हो गई हैं। बर्फ हटने के बाद सड़कों पर ब्लैक आइस (काली बर्फ) जम जाती है। यह बेहद फिसलन भरी होती है। इससे वाहन अनियंत्रित होकर फिसल जाते हैं। इस कारण वाहनों के गिरने या टकराने का खतरा बढ़ गया है।
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ताजा स्थिति के अनुसार लोक निर्माण विभाग ने चैल-जंजैहली मुख्य मार्ग को छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया है, लेकिन दर्जनों अन्य सड़कें बंद हैं। इससे गाड़ागुशैण, छतरी, चिऊणी, सोमनाचनी, थाची, कलहणी सराची और बागाचनोगी जैसे दूरदराज इलाकों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
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पीडब्ल्यूडी जंजैहली के अधिशासी अभियंता नीतीश शर्मा ने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद विभाग युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। कांढ़ा, लेहगला, जंजैहली सड़क बहाल हो चुकी है। लंबाथाच, शिल्हीबागी, चिऊणी, रायगढ़ और बागाचनोगी में जेसीबी, स्नोकटर जैसी मशीनरी तैनात है। जरूरत पड़ने पर और मशीनरी भेजी जाएगी। यदि मौसम साफ रहा तो सोमवार तक सभी प्रमुख मार्ग बहाल हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि एक-दो दिन में फिर बर्फबारी हो सकती है, लेकिन तैयारी पूरी है।
एसडीएम थुनाग संजीत शर्मा ने बताया कि बर्फबारी के बाद जनजीवन सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। पेयजल सुचारु बनाने का काम चल रहा है। उन्होंने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा टालने का आग्रह किया है। यदि यात्रा अनिवार्य हो तो चेन वाली गाड़ियां इस्तेमाल करें, बहुत धीमी गति से चलें, ब्रेक का कम इस्तेमाल करें और सतर्क रहें।
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पेड़ गिरने से टूटी लाइन, अंधेरे में डूबी घाटी
गोहर से थुनाग के लिए 33 केवी की मुख्य आपूर्ति लाइन टूटने से समूची सराज घाटी अंधेरे के आगोश में समा गई है। अधिशासी अभियंता गोहर का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे मंडी के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि कांढ़ा के समीप मुख्य लाइन पर पेड़ गिरने से 33 केवी थुनाग की आपूर्ति बंद हो गई थी, जिसे अब जोड़ दिया गया है। बर्फबारी के बाद अन्य लाइनों में आई तकनीकी खराबी को दुरुस्त किया जाएगा।
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