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राहत : टांडा, शिमला की दौड़ खत्म, अब जोनल अस्पताल में भी मिलेगा कैंसर का उपचार
Wed, 07 Aug 2024 12:32 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Wed, 07 Aug 2024 12:32 AM IST
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मंडी। कैंसर के मरीजों को अब जोनल अस्पताल में भी कैंसर का उपचार मिलेगा। प्रदेश सरकार ने मंडीवासियों को बड़ी राहत दी है। अब उन्हें उपचार के लिए टांडा शिमला की दौड़ खत्म हो गई है। यहां पर पहले से तैनात डॉ. पुनीत मल्होत्रा को प्रदेश सरकार ने कैंसर उपचार देने के लिए अधिकृत किया है।
कैंसर की गंभीर बीमारी में जरूरी दवाइयां और कीमोथैरेपी लिखने के लिए अधिकृत होंगे। बता दें कि वह कैंसर पर फेलोशिप करने वाले प्रदेश के सात डॉक्टरों में शामिल रहे हैं जिन्होंने यह फैलोशिप सर्वोदय अस्पताल फरीदाबाद और कैंसर हास्पिटल उज्जैन से की है। इससे पहले कैंसर के मरीजों को दवाइयों और कीमोथैरेपी को जारी रखवाने के लिए टांडा, शिमला, चंडीगढ़ या फिर उस अस्पताल में जाना पड़ता था, जहां से उनका उपचार चल रहा होता है। क्योंकि कैंसर की दवाओं को जारी रखने या फिर कीमोथैरेपी लिखने से हर डाॅ. गुरेज करता है। ये दवाएं और थैरेपी काफी घातक होती हैं। ऐसे में मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसलिए सरकार ने अब इन डाॅक्टरों को फैलोशिप करवाकर कैंसर मरीजों को राहत देने का प्रयास किया है। डाॅ. पुनीत मल्होत्रा देश के सभी नामी कैंसर रोग विशेषज्ञों के साथ हर समय मोबाइल पर विचार विमर्श करने के लिए भी अधिकृत किए गए हैं। यदि उन्हें मरीज के विषय पर किसी विशेषज्ञ से राय लेनी पड़ी तो वह कभी भी उन्हें फोन करके राय ले सकेंगे। अब डाॅ. पुनीत के पास मंडी, कुल्लू, लाहुल स्पीति, हमीरपुर और बिलासपुर जिलों के कैंसर रोगी आकर सलाह-मशविरा कर सकते हैं। इस बारे में जोनल अस्पताल में तैनात डा. पुनीत ने बताया कि प्रदेश सरकार कैंसर रोगियों के प्रति पूरी तरह से गंभीर है जिसके तहत ही उन्हें यह फैलोशिप करवाई गई है। हाल ही में सरकार ने कैंसर की बहुत सी दवाओं को भी निशुल्क कर दिया है। इससे कैंसर ग्रसित लोगों को लाभ मिलेगा।
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कैंसर की गंभीर बीमारी में जरूरी दवाइयां और कीमोथैरेपी लिखने के लिए अधिकृत होंगे। बता दें कि वह कैंसर पर फेलोशिप करने वाले प्रदेश के सात डॉक्टरों में शामिल रहे हैं जिन्होंने यह फैलोशिप सर्वोदय अस्पताल फरीदाबाद और कैंसर हास्पिटल उज्जैन से की है। इससे पहले कैंसर के मरीजों को दवाइयों और कीमोथैरेपी को जारी रखवाने के लिए टांडा, शिमला, चंडीगढ़ या फिर उस अस्पताल में जाना पड़ता था, जहां से उनका उपचार चल रहा होता है। क्योंकि कैंसर की दवाओं को जारी रखने या फिर कीमोथैरेपी लिखने से हर डाॅ. गुरेज करता है। ये दवाएं और थैरेपी काफी घातक होती हैं। ऐसे में मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसलिए सरकार ने अब इन डाॅक्टरों को फैलोशिप करवाकर कैंसर मरीजों को राहत देने का प्रयास किया है। डाॅ. पुनीत मल्होत्रा देश के सभी नामी कैंसर रोग विशेषज्ञों के साथ हर समय मोबाइल पर विचार विमर्श करने के लिए भी अधिकृत किए गए हैं। यदि उन्हें मरीज के विषय पर किसी विशेषज्ञ से राय लेनी पड़ी तो वह कभी भी उन्हें फोन करके राय ले सकेंगे। अब डाॅ. पुनीत के पास मंडी, कुल्लू, लाहुल स्पीति, हमीरपुर और बिलासपुर जिलों के कैंसर रोगी आकर सलाह-मशविरा कर सकते हैं। इस बारे में जोनल अस्पताल में तैनात डा. पुनीत ने बताया कि प्रदेश सरकार कैंसर रोगियों के प्रति पूरी तरह से गंभीर है जिसके तहत ही उन्हें यह फैलोशिप करवाई गई है। हाल ही में सरकार ने कैंसर की बहुत सी दवाओं को भी निशुल्क कर दिया है। इससे कैंसर ग्रसित लोगों को लाभ मिलेगा।
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