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Mandi News: मरीजों को स्ट्रेचर, व्हीलचेयर पर बाहर ले गए परिजन
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नेरचौक मेडिकल कॉलेज में बम रखने की सूचना के बाद पुलिस कर्मचारियों से जानकारी लेती महिलाएं। संवा
नेरचौक (मंडी)। श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक में मंगलवार सुबह परिसर में बम होने की खबर फैलने के बाद अफरातफरी मच गई। मरीजों समेत तीमारदार इधर-उधर भागने लगे। देखते ही देखते अस्पताल के द्वारों पर भीड़ जमा हो गई। अचानक फैली अफवाह से इमरजेंसी वार्ड और ऑपरेशन थिएटर तक प्रभावित हुए। भर्ती मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर बाहर लाया गया। ऑपरेशन की तैयारी में जुटे नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर भी बाहर निकल गए।
इमरजेंसी वार्ड के बाहर व्हीलचेयर पर बैठी पार्वती देवी ने बताया कि उनका घुटने का ऑपरेशन होना था, लेकिन अफरातफरी के चलते उन्हें रिश्तेदार बाहर ले आए। गोहर से आए परम देव को स्ट्रेचर सहित उनके परिजन बाहर ले गए। दर्जनों मरीज अस्पताल के द्वारों पर स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर नजर आए। एक-दूसरे की बातें सुनकर सभी गेट की तरफ जाते रहे। इससे पहले कोई कुछ समझ पाता, इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हुए मरीज भी वहां से भाग खड़े हुए। बाद में पुलिस प्रशासन पहुंचा तो माहौल थोड़ा शांत हुआ।
एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने अपनी टीम के साथ स्थिति का जायजा लिया और सभी गेटों पर पुलिस जवान तैनात कर दिए। एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी भी घटनास्थल पर डटी रहीं। पुलिस ने तुरंत परिसर को अपने कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की, लेकिन कुछ भी संदिग्ध न मिलने पर राहत की सांस ली। उधर, एसपी साक्षी वर्मा ने बताया कि घबराने जैसे कोई स्थिति नहीं है। सभी शांतिपूर्ण तरीके से आएं और उपचार करवाएं।
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परिसर में मौजूद थे एक हजार से अधिक लोग
मंगलवार सुबह परिसर में करीब एक हजार से अधिक लोग मौजूद थे। इसी बीच ई-मेल से धमकी का मामला उजागर होने पर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज आए लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इमरजेंसी की सेवाओं को जारी रखा गया और लोगों को पुलिस की जांच के बाद ही अंदर जाने दिया गया। ओपीडी में चेकअप करवाने आए लोगों को दिनभर के इंतजार के बाद शाम को बेरंग लौटना पड़ा।
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जांच पड़ताल के बाद मिलेगा प्रवेश, पांच जगह तैनात रहेगी पुलिस
बुधवार को नेरचौक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जांच पड़ताल के बाद ही प्रवेश मिलेगा। पांच जगहों पर पुलिस जवान तैनात रहेंगे। यह छानबीन के बाद प्रवेश देंगे। कुछ भी संदिग्ध न मिलने के बावजूद एहतियातन यह कदम उठाया गया है। अस्पताल के एमएस डॉ. रजनीश ने बताया कि घबराने जैसा कुछ नहीं है, लेकिन एहतियातन कदम उठाना जरूरी है।
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इमरजेंसी वार्ड के बाहर व्हीलचेयर पर बैठी पार्वती देवी ने बताया कि उनका घुटने का ऑपरेशन होना था, लेकिन अफरातफरी के चलते उन्हें रिश्तेदार बाहर ले आए। गोहर से आए परम देव को स्ट्रेचर सहित उनके परिजन बाहर ले गए। दर्जनों मरीज अस्पताल के द्वारों पर स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर नजर आए। एक-दूसरे की बातें सुनकर सभी गेट की तरफ जाते रहे। इससे पहले कोई कुछ समझ पाता, इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हुए मरीज भी वहां से भाग खड़े हुए। बाद में पुलिस प्रशासन पहुंचा तो माहौल थोड़ा शांत हुआ।
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एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने अपनी टीम के साथ स्थिति का जायजा लिया और सभी गेटों पर पुलिस जवान तैनात कर दिए। एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी भी घटनास्थल पर डटी रहीं। पुलिस ने तुरंत परिसर को अपने कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की, लेकिन कुछ भी संदिग्ध न मिलने पर राहत की सांस ली। उधर, एसपी साक्षी वर्मा ने बताया कि घबराने जैसे कोई स्थिति नहीं है। सभी शांतिपूर्ण तरीके से आएं और उपचार करवाएं।
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परिसर में मौजूद थे एक हजार से अधिक लोग
मंगलवार सुबह परिसर में करीब एक हजार से अधिक लोग मौजूद थे। इसी बीच ई-मेल से धमकी का मामला उजागर होने पर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज आए लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इमरजेंसी की सेवाओं को जारी रखा गया और लोगों को पुलिस की जांच के बाद ही अंदर जाने दिया गया। ओपीडी में चेकअप करवाने आए लोगों को दिनभर के इंतजार के बाद शाम को बेरंग लौटना पड़ा।
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जांच पड़ताल के बाद मिलेगा प्रवेश, पांच जगह तैनात रहेगी पुलिस
बुधवार को नेरचौक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जांच पड़ताल के बाद ही प्रवेश मिलेगा। पांच जगहों पर पुलिस जवान तैनात रहेंगे। यह छानबीन के बाद प्रवेश देंगे। कुछ भी संदिग्ध न मिलने के बावजूद एहतियातन यह कदम उठाया गया है। अस्पताल के एमएस डॉ. रजनीश ने बताया कि घबराने जैसा कुछ नहीं है, लेकिन एहतियातन कदम उठाना जरूरी है।
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