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Mandi News: जोनल अस्पताल में नहीं सुधरी पंजीकरण की व्यवस्था, पर्ची के लिए मारामारी
Tue, 16 May 2023 07:29 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Tue, 16 May 2023 07:29 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जोनल अस्पताल मंडी में रोजाना पर्ची के लिए मरीजों और तीमारदारों को बहुत अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। मरीजों और तीमारदारों को सुबह नौ बजे ही लंबी लंबी लाइनों में पर्ची के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
पर्ची समय पर बने और समय पर उपचार मिल जाएगा इस उम्मीद से सैकड़ों मरीज सुबह ही अस्पताल के पंजीकरण काउंटर पर पहुंच जाते हैं। भीड़ इतनी अधिक लग जाती है कि नौ बजे से 11 बजे तक अस्पताल का काउंटर लोगों से भर जाता है। रोजाना लंबी-लंबी लाइनों में पर्ची के लिए सभी इंतजार करते देखे जा रही है। सोमवार और मंगलवार को पर्ची के लिए सबसे अधिक मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होती है। सबसे अधिक कठिनाई दूरदराज से आने वाले मरीजों और तीमारदारों को होती है। वे कहते हैं कि पर्ची समय पर नहीं बनने के चलते उन्हें देर शाम तक अस्पताल से इलाज लेकर वापस जाना पड़ता है। सराज, नाचन, सुंदरनगर के दूरदराज के इलाकों के अलावा कुल्लू तक के लोग यहां पर इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन पर्ची की व्यवस्था सही नहीं होने के चलते उन्हें कठिनाई होती है।
इस बारे में एमएस डॉ. नरेंद्र धर्मचंद वर्मा ने कहा कि पर्ची काउंटर पर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं को अलग-अलग काउंटर की सुविधाएं दी जा रही है। सप्ताह के शुभारंभ में अधिक भीड़ रहती है।
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क्या कहते हैं भुगतभोगी
केस-1 : बालीचौकी से आए राजेश का कहना है कि सुबह नौ बजे वे लाइन में लगे। डेढ़ घंटे बाद उनकी पर्ची बनी। इसके चलते उन्हें ओपीडी और लैब में भी देरी से नंबर आया। वे देश शाम अस्पताल से फ्री हो पाए।
केस-2 : मंडी के कोटली से आए हुए रजत ने बताया कि सोमवार और मंगलवार को सबसे अधिक पर्ची बनाने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। तो सुबह दो घंटे पर्ची बनाने के लिए ही लग जाते हैं। मंगलवार को वे पर्ची बनाने में बहुत लेट हो गए। इसके चलते उनको शाम तक घर पहुंचना पड़ा।
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मंडी। जोनल अस्पताल मंडी में रोजाना पर्ची के लिए मरीजों और तीमारदारों को बहुत अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। मरीजों और तीमारदारों को सुबह नौ बजे ही लंबी लंबी लाइनों में पर्ची के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
पर्ची समय पर बने और समय पर उपचार मिल जाएगा इस उम्मीद से सैकड़ों मरीज सुबह ही अस्पताल के पंजीकरण काउंटर पर पहुंच जाते हैं। भीड़ इतनी अधिक लग जाती है कि नौ बजे से 11 बजे तक अस्पताल का काउंटर लोगों से भर जाता है। रोजाना लंबी-लंबी लाइनों में पर्ची के लिए सभी इंतजार करते देखे जा रही है। सोमवार और मंगलवार को पर्ची के लिए सबसे अधिक मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होती है। सबसे अधिक कठिनाई दूरदराज से आने वाले मरीजों और तीमारदारों को होती है। वे कहते हैं कि पर्ची समय पर नहीं बनने के चलते उन्हें देर शाम तक अस्पताल से इलाज लेकर वापस जाना पड़ता है। सराज, नाचन, सुंदरनगर के दूरदराज के इलाकों के अलावा कुल्लू तक के लोग यहां पर इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन पर्ची की व्यवस्था सही नहीं होने के चलते उन्हें कठिनाई होती है।
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इस बारे में एमएस डॉ. नरेंद्र धर्मचंद वर्मा ने कहा कि पर्ची काउंटर पर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं को अलग-अलग काउंटर की सुविधाएं दी जा रही है। सप्ताह के शुभारंभ में अधिक भीड़ रहती है।
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क्या कहते हैं भुगतभोगी
केस-1 : बालीचौकी से आए राजेश का कहना है कि सुबह नौ बजे वे लाइन में लगे। डेढ़ घंटे बाद उनकी पर्ची बनी। इसके चलते उन्हें ओपीडी और लैब में भी देरी से नंबर आया। वे देश शाम अस्पताल से फ्री हो पाए।
केस-2 : मंडी के कोटली से आए हुए रजत ने बताया कि सोमवार और मंगलवार को सबसे अधिक पर्ची बनाने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। तो सुबह दो घंटे पर्ची बनाने के लिए ही लग जाते हैं। मंगलवार को वे पर्ची बनाने में बहुत लेट हो गए। इसके चलते उनको शाम तक घर पहुंचना पड़ा।