{"_id":"66b4b8221174e3f77b04c77c","slug":"rajban-tragedy-nss-volunteers-played-an-important-role-mandi-news-c-90-1-ssml1045-132839-2024-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजबन त्रासदी : एनएसएस स्वयंसेवियों ने निभाई अहम भूमिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजबन त्रासदी : एनएसएस स्वयंसेवियों ने निभाई अहम भूमिका
Thu, 08 Aug 2024 05:50 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 08 Aug 2024 05:50 PM IST
विज्ञापन
बेस कैंप में टीमों के लिए भोजन, पानी और आवास की मुहैया करवाई सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। चौहारघाटी की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला थलटूखोड़ के एनएसएस वालंटियरों ने 31 जुलाई की मध्य रात्रि को राजबन में हुई त्रासदी में राहत कार्य के लिए अहम भूमिका निभा रहे हैं। एनएसएस वालंटियरों ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड, पुलिस, अग्निशमन विभाग के जवानों के लिए स्कूल में बनाए गए बेस कैंप में भोजन, पानी और आवास आदि की बेहतर व्यवस्था के साथ सफाई का जिम्मा संभाला।
बेस कैंप में एनडीआरएफ के 33, एसडीआरएफ के 15 और होमगार्ड और पुलिस के 30 जवान ठहरे। उनके ब्रेकफास्ट और डिनर की व्यवस्था बेस कैंप में की गई है। यह जिम्मेवारी वालंटियरों ने आठ दिन तक रात-दिन बखूबी संभाली। आंगनबाड़ी और मिड डे मील कार्यकर्ताओं ने भी इसमें बेहतर योगदान दिया।
राजबन गांव में घटनास्थल पर रेस्क्यू टीम के लिए दोपहर के भोजन की व्यवस्था स्थानीय ग्रामीणों की ओर से की गई। इसमें ग्राम पंचायत धमच्याण के सभी महिला मंडलों ने बारी-बारी अपनी सेवाएं दीं। एनएसएस इंचार्ज सुनील कुमार और अभिनाश के साथ स्वयंसेवक चेतन, सतीश, कबीर, आकाश, आशीष, आदित्य ठाकुर, लक्की, जयकुमार, निखिल, अपूर्व, सनोज, अभय और सूरज ने भोजन समेत अन्य व्यवस्थाएं कीं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुसुम, कमलेश, शकुंतला, दीपा और मिड-डे मील वर्कर भेखली देवी और बिल्ली देवी ने भोजन व्यवस्था में अहम भूमिका निभाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। चौहारघाटी की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला थलटूखोड़ के एनएसएस वालंटियरों ने 31 जुलाई की मध्य रात्रि को राजबन में हुई त्रासदी में राहत कार्य के लिए अहम भूमिका निभा रहे हैं। एनएसएस वालंटियरों ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड, पुलिस, अग्निशमन विभाग के जवानों के लिए स्कूल में बनाए गए बेस कैंप में भोजन, पानी और आवास आदि की बेहतर व्यवस्था के साथ सफाई का जिम्मा संभाला।
बेस कैंप में एनडीआरएफ के 33, एसडीआरएफ के 15 और होमगार्ड और पुलिस के 30 जवान ठहरे। उनके ब्रेकफास्ट और डिनर की व्यवस्था बेस कैंप में की गई है। यह जिम्मेवारी वालंटियरों ने आठ दिन तक रात-दिन बखूबी संभाली। आंगनबाड़ी और मिड डे मील कार्यकर्ताओं ने भी इसमें बेहतर योगदान दिया।
विज्ञापन
राजबन गांव में घटनास्थल पर रेस्क्यू टीम के लिए दोपहर के भोजन की व्यवस्था स्थानीय ग्रामीणों की ओर से की गई। इसमें ग्राम पंचायत धमच्याण के सभी महिला मंडलों ने बारी-बारी अपनी सेवाएं दीं। एनएसएस इंचार्ज सुनील कुमार और अभिनाश के साथ स्वयंसेवक चेतन, सतीश, कबीर, आकाश, आशीष, आदित्य ठाकुर, लक्की, जयकुमार, निखिल, अपूर्व, सनोज, अभय और सूरज ने भोजन समेत अन्य व्यवस्थाएं कीं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुसुम, कमलेश, शकुंतला, दीपा और मिड-डे मील वर्कर भेखली देवी और बिल्ली देवी ने भोजन व्यवस्था में अहम भूमिका निभाई।
विज्ञापन