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Mandi News: बारिश थमी पर खतरा बरकरार, चलती बस पर गिरा पत्थर, महिला यात्री घायल
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एचआरटीसी बस में गिरे पत्थर को दिखाता यात्री। स्त्रोत- वीडियोग्रैब
- फोटो : बाल रोग वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
केवल चार सड़कें रहीं बंद, 14 डीटीआर प्रभावित
लवांडी में भूस्खलन से मंडी-पठानकोट एनएच बाधित, यातायात किया डायवर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिले में बारिश का दौर बुधवार दोपहर बाद कमजोर पड़ा और अधिकांश सड़कें खोल दी गईं, लेकिन पहाड़ों से खतरा अभी भी बना हुआ है। चलती एचआरटीसी बस पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से एक महिला यात्री घायल हो गई। वहीं, कई स्थानों पर भूस्खलन और जलभराव के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। राहत की बात यह रही कि जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) की शाम चार बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में बंद सड़कों की संख्या घटकर चार रह गई है। बिजली व्यवस्था भी तेजी से सामान्य हो रही है।
मंडी-पराशर सड़क मार्ग पर दो दिन पहले हुए हादसे का वीडियो बुधवार को सामने आया। सुहड़ा-बागी रूट पर जा रही एचआरटीसी की बस पर अचानक पहाड़ी से एक बड़ा पत्थर आ गिरा। तेज गति से आया पत्थर चालक के पीछे वाली खिड़की का शीशा तोड़ते हुए बस के अंदर जा घुसा। इस दौरान सीट पर बैठी एक महिला यात्री घायल हो गई। हादसे के बाद बस में अफरातफरी मच गई। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को सुरक्षित स्थान पर रोका और घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना के कारण कुछ देर तक बस सेवा प्रभावित रही। एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक उत्तम चंद ने बताया कि महिला यात्री को मामूली चोटें आई हैं। डीईओसी की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार सुबह 10 बजे तक जिले में 26 सड़कें बंद थीं। इनमें सराज की दो, थलौट की सात, पधर की नौ और धर्मपुर की आठ सड़कें शामिल थीं। दिनभर चले बहाली अभियान के बाद अधिकांश मार्गों से मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया। शाम चार बजे तक केवल थलौट उपमंडल की चार ग्रामीण सड़कें ही बंद रहीं। जिले के सभी राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और प्रमुख जिला सड़कें यातायात के लिए खोल दी गई हैं।
बिजली आपूर्ति में भी सुधार हुआ है। सुबह तक मंडी और जोगिंद्रनगर विद्युत मंडलों के 103 डीटीआर प्रभावित थे, लेकिन मरम्मत कार्य के बाद शाम तक केवल जोगिंद्रनगर मंडल के 14 डीटीआर ही बंद रह गए। मंडी-कुल्लू फोरलेन पर बिंद्रावणी के पास जलभराव के कारण दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर मैगल के समीप लवांडी में भूस्खलन से यातायात बाधित हुआ। इसके चलते वाहनों को निर्माणाधीन फोरलेन मार्ग से डायवर्ट किया गया। एनएच से गिर रहे पत्थर नीचे फोरलेन मार्ग पर भी खतरा बने रहे। प्रशासन और एनएचएआई की टीमें मलबा हटाकर मार्ग को पूरी तरह बहाल करने में जुटी रहीं। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। उन्होंने मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।
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लवांडी में भूस्खलन से मंडी-पठानकोट एनएच बाधित, यातायात किया डायवर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिले में बारिश का दौर बुधवार दोपहर बाद कमजोर पड़ा और अधिकांश सड़कें खोल दी गईं, लेकिन पहाड़ों से खतरा अभी भी बना हुआ है। चलती एचआरटीसी बस पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से एक महिला यात्री घायल हो गई। वहीं, कई स्थानों पर भूस्खलन और जलभराव के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। राहत की बात यह रही कि जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) की शाम चार बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में बंद सड़कों की संख्या घटकर चार रह गई है। बिजली व्यवस्था भी तेजी से सामान्य हो रही है।
मंडी-पराशर सड़क मार्ग पर दो दिन पहले हुए हादसे का वीडियो बुधवार को सामने आया। सुहड़ा-बागी रूट पर जा रही एचआरटीसी की बस पर अचानक पहाड़ी से एक बड़ा पत्थर आ गिरा। तेज गति से आया पत्थर चालक के पीछे वाली खिड़की का शीशा तोड़ते हुए बस के अंदर जा घुसा। इस दौरान सीट पर बैठी एक महिला यात्री घायल हो गई। हादसे के बाद बस में अफरातफरी मच गई। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को सुरक्षित स्थान पर रोका और घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना के कारण कुछ देर तक बस सेवा प्रभावित रही। एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक उत्तम चंद ने बताया कि महिला यात्री को मामूली चोटें आई हैं। डीईओसी की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार सुबह 10 बजे तक जिले में 26 सड़कें बंद थीं। इनमें सराज की दो, थलौट की सात, पधर की नौ और धर्मपुर की आठ सड़कें शामिल थीं। दिनभर चले बहाली अभियान के बाद अधिकांश मार्गों से मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया। शाम चार बजे तक केवल थलौट उपमंडल की चार ग्रामीण सड़कें ही बंद रहीं। जिले के सभी राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और प्रमुख जिला सड़कें यातायात के लिए खोल दी गई हैं।
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बिजली आपूर्ति में भी सुधार हुआ है। सुबह तक मंडी और जोगिंद्रनगर विद्युत मंडलों के 103 डीटीआर प्रभावित थे, लेकिन मरम्मत कार्य के बाद शाम तक केवल जोगिंद्रनगर मंडल के 14 डीटीआर ही बंद रह गए। मंडी-कुल्लू फोरलेन पर बिंद्रावणी के पास जलभराव के कारण दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर मैगल के समीप लवांडी में भूस्खलन से यातायात बाधित हुआ। इसके चलते वाहनों को निर्माणाधीन फोरलेन मार्ग से डायवर्ट किया गया। एनएच से गिर रहे पत्थर नीचे फोरलेन मार्ग पर भी खतरा बने रहे। प्रशासन और एनएचएआई की टीमें मलबा हटाकर मार्ग को पूरी तरह बहाल करने में जुटी रहीं। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। उन्होंने मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।

एचआरटीसी बस में गिरे पत्थर को दिखाता यात्री। स्त्रोत- वीडियोग्रैब- फोटो : बाल रोग वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
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