फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   Rain damages wheat crop

Mandi News: बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान

Mon, 11 May 2026 04:41 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 04:41 AM IST
विज्ञापन
Rain damages wheat crop
तुंगलघाटी में हुई है सबसे ज्यादा ओलावृष्टि
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। पिछले दिनों हुई बारिश से सरकाघाट, धर्मपुर, बल्ह, नाचन और सदर उपमंडलों में गेहूं की फसल पूरी तरह भीग गई है। हालांकि, किसानों ने अब गेहूं की कटाई जोरशोर से शुरू कर दी है। तुंगल घाटी में हुई अत्यधिक ओलावृष्टि, अंधड़ और बारिश से गेहूं की फसल खेतों में बिछकर खराब हो गई। तुंगल घाटी के डंढाल गांव में करीब 10 टन से अधिक गेहूं की फसल खराब हुई है। पीड़ित किसानों का कहना है कि महंगे बीज और खाद डालने के बाद इस बार बारिश ने सब तबाह कर दिया है। ओलावृष्टि और अंधड़ ने उनकी छह माह की मेहनत पर पानी फेर दिया है। डंढाल के लाभ सिंह और शीला देवी ने बताया कि उनका खेतीबाड़ी से ही परिवार का पालन-पोषण चलता है। नाचन क्षेत्र के बागवान हेम सिंह, परमा राम, देवीराम आदि ने बताया कि गेहूं सहित सेब, खुमानी, प्लम और आड़ू की फसल ओलावृष्टि से खराब हुई है। गोहर स्थित बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज ने कहा कि मौसम में अस्थिरता से सेब उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है। ओलावृष्टि से गुठलीदार फल पेड़ों से नीचे गिर गए हैं। जिला कृषि उप निदेशक रामचंद्र चौधरी का कहना है कि अधिकांश इलाकों में अभी गेहूं की फसल को बारिश से नुकसान नहीं है। किसानों को विभाग की ओर से बेहतर गुणवत्ता वाले तिरपाल दिए गए हैं। किसान जरूरत अनुसार फसल कटाई कर मौके पर ही थ्रेसिंग कर फसल को सुरक्षित रख रहे हैं। जिले में अभी गेहूं की फसल को कोई नुकसान नहीं है।

मंडी। पिछले दिनों हुई बारिश से सरकाघाट, धर्मपुर, बल्ह, नाचन और सदर उपमंडलों में गेहूं की फसल पूरी तरह भीग गई है। हालांकि, किसानों ने अब गेहूं की कटाई जोरशोर से शुरू कर दी है। तुंगल घाटी में हुई अत्यधिक ओलावृष्टि, अंधड़ और बारिश से गेहूं की फसल खेतों में बिछकर खराब हो गई। तुंगल घाटी के डंढाल गांव में करीब 10 टन से अधिक गेहूं की फसल खराब हुई है। पीड़ित किसानों का कहना है कि महंगे बीज और खाद डालने के बाद इस बार बारिश ने सब तबाह कर दिया है। ओलावृष्टि और अंधड़ ने उनकी छह माह की मेहनत पर पानी फेर दिया है। डंढाल के लाभ सिंह और शीला देवी ने बताया कि उनका खेतीबाड़ी से ही परिवार का पालन-पोषण चलता है। नाचन क्षेत्र के बागवान हेम सिंह, परमा राम, देवीराम आदि ने बताया कि गेहूं सहित सेब, खुमानी, प्लम और आड़ू की फसल ओलावृष्टि से खराब हुई है। गोहर स्थित बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज ने कहा कि मौसम में अस्थिरता से सेब उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है। ओलावृष्टि से गुठलीदार फल पेड़ों से नीचे गिर गए हैं। जिला कृषि उप निदेशक रामचंद्र चौधरी का कहना है कि अधिकांश इलाकों में अभी गेहूं की फसल को बारिश से नुकसान नहीं है। किसानों को विभाग की ओर से बेहतर गुणवत्ता वाले तिरपाल दिए गए हैं। किसान जरूरत अनुसार फसल कटाई कर मौके पर ही थ्रेसिंग कर फसल को सुरक्षित रख रहे हैं। जिले में अभी गेहूं की फसल को कोई नुकसान नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed