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Mandi News: चेलंग की दरकती पहाड़ी के प्रशासन के सर्वे पर उठाए सवाल
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90 मीटर लंबी दरार का दावा, छह परिवार छोड़ चुके हैं पुश्तैनी घर
आईआईटी कमांद के इंजीनियर करेंगे सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। चेलंग में दरक रही पहाड़ी से संभावित खतरे को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता लगातार बनी हुई है। स्थानीय निवासी अनिल कुमार ने पहाड़ी का वीडियो जारी कर प्रशासन की ओर से किए जा रहे आकलन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहाड़ी पर अभी भी बड़ी दरार मौजूद है और दोबारा भूस्खलन होने की स्थिति में नीचे बसे गांव को गंभीर खतरा हो सकता है।
अनिल कुमार ने बताया कि उनके मकान पहाड़ी के नीचे स्थित हैं। उनके अनुसार पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में करीब 90 मीटर लंबी, 10 फीट गहरी और चार फीट चौड़ी दरार उभर आई है। उनका दावा है कि यदि पहाड़ी दोबारा दरकी तो नीचे बसे घरों और लोगों की जान-माल को खतरा बढ़ सकता है।
बताया कि खतरे को देखते हुए नीचे रहने वाले छह परिवार अपने पुश्तैनी मकान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा चुके हैं। जबकि चार परिवार अभी भी वहीं रह रहे हैं। अनिल कुमार ने ड्रोन से पहाड़ी का वीडियो बनाकर प्रशासन के सर्वे और स्थिति के आकलन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहाड़ी से खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है और प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।
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वहीं, एसडीएम पधर सुरजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि दरक रही पहाड़ी की स्थिति का सर्वे कराया जा रहा है। इसके लिए आईआईटी मंडी कमांद के इंजीनियरों की भी मदद ली जा रही है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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आईआईटी कमांद के इंजीनियर करेंगे सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। चेलंग में दरक रही पहाड़ी से संभावित खतरे को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता लगातार बनी हुई है। स्थानीय निवासी अनिल कुमार ने पहाड़ी का वीडियो जारी कर प्रशासन की ओर से किए जा रहे आकलन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहाड़ी पर अभी भी बड़ी दरार मौजूद है और दोबारा भूस्खलन होने की स्थिति में नीचे बसे गांव को गंभीर खतरा हो सकता है।
अनिल कुमार ने बताया कि उनके मकान पहाड़ी के नीचे स्थित हैं। उनके अनुसार पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में करीब 90 मीटर लंबी, 10 फीट गहरी और चार फीट चौड़ी दरार उभर आई है। उनका दावा है कि यदि पहाड़ी दोबारा दरकी तो नीचे बसे घरों और लोगों की जान-माल को खतरा बढ़ सकता है।
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बताया कि खतरे को देखते हुए नीचे रहने वाले छह परिवार अपने पुश्तैनी मकान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा चुके हैं। जबकि चार परिवार अभी भी वहीं रह रहे हैं। अनिल कुमार ने ड्रोन से पहाड़ी का वीडियो बनाकर प्रशासन के सर्वे और स्थिति के आकलन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहाड़ी से खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है और प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।
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वहीं, एसडीएम पधर सुरजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि दरक रही पहाड़ी की स्थिति का सर्वे कराया जा रहा है। इसके लिए आईआईटी मंडी कमांद के इंजीनियरों की भी मदद ली जा रही है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।