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महीने में कामगारों को लंबित सुविधाएं दें, नहीं तो जाएंगे अदालत : संत राम
Sat, 20 Jul 2024 07:06 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 20 Jul 2024 07:06 AM IST
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बालीचौकी (मंडी)। हिमाचल प्रदेश मनरेगा और निर्माण एवं सर्व कामगार संगठन ने कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र लिखकर जिला श्रम कल्याण अधिकारी पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। कामगार नेता संत राम ने चेताया है कि अगर एक महीने के भीतर कामगारों को लंबित सुविधाएं नहीं दी गईं तो वे न केवल कोर्ट का रुख करेंगे, बल्कि आमरण अनशन भी शुरू करेंगे।
हिमाचल प्रदेश मनरेगा और निर्माण एवं सर्व कामगार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संत राम ने बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर को लिखे पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बावजूद कामगारों को कल्याण बोर्ड की सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। संगठन ने बालीचौकी और सिराज विकास खंड में हजारों पात्र मजदूरों को बोर्ड में पंजीकृत करवाया है, लेकिन जिला श्रम कल्याण अधिकारी की मनमानी से कामगारों को 2020 और 2022 के दौरान कोई भी सुविधाएं नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा कि संगठन ने 2020 में छात्रवृति के लिए 702, 2021 में 414, शादी के 123, प्रसूता के 76 और वर्ष 2022 में छात्रवृत्ति के 1282, शादी के 235 तथा प्रसूता के 140 आवेदन जिला श्रम कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जमा करवाए। आवेदनों में जानबूझकर छोटी-छोटी गलतियां निकाली जा रही हैं। इसके अलावा कई आवेदनों में अनावश्यक दस्तावेज भेजने के लिए कहा जा रहा है। हालांकि श्रम कल्याण बोर्ड के प्रदेश कार्यालय की ओर से ऐसे कोई दिशानिर्देश नहीं दिए गए हैं।
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उधर, जिला श्रम कल्याण अधिकारी अनिल ने कहा कि किसी को परेशान नहीं कर रहे हैं। जिन आवेदनों में कमी है, उन्हें वापस किया जा रहा है। अधूरे आवेदनों को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। कुछ आवेदनों में एक ही मजदूर की एक ही दिन दो जगह मौजूदगी पाई जा रही है। ऐसे में सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए निर्देशों का पालन किया जा रहा है। संगठन के आरोप निराधार हैं। मजदूरों की सुविधा के लिए कार्य किया जा रहा है।
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हिमाचल प्रदेश मनरेगा और निर्माण एवं सर्व कामगार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संत राम ने बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर को लिखे पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बावजूद कामगारों को कल्याण बोर्ड की सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। संगठन ने बालीचौकी और सिराज विकास खंड में हजारों पात्र मजदूरों को बोर्ड में पंजीकृत करवाया है, लेकिन जिला श्रम कल्याण अधिकारी की मनमानी से कामगारों को 2020 और 2022 के दौरान कोई भी सुविधाएं नहीं दी गई है।
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उन्होंने कहा कि संगठन ने 2020 में छात्रवृति के लिए 702, 2021 में 414, शादी के 123, प्रसूता के 76 और वर्ष 2022 में छात्रवृत्ति के 1282, शादी के 235 तथा प्रसूता के 140 आवेदन जिला श्रम कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जमा करवाए। आवेदनों में जानबूझकर छोटी-छोटी गलतियां निकाली जा रही हैं। इसके अलावा कई आवेदनों में अनावश्यक दस्तावेज भेजने के लिए कहा जा रहा है। हालांकि श्रम कल्याण बोर्ड के प्रदेश कार्यालय की ओर से ऐसे कोई दिशानिर्देश नहीं दिए गए हैं।
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उधर, जिला श्रम कल्याण अधिकारी अनिल ने कहा कि किसी को परेशान नहीं कर रहे हैं। जिन आवेदनों में कमी है, उन्हें वापस किया जा रहा है। अधूरे आवेदनों को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। कुछ आवेदनों में एक ही मजदूर की एक ही दिन दो जगह मौजूदगी पाई जा रही है। ऐसे में सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए निर्देशों का पालन किया जा रहा है। संगठन के आरोप निराधार हैं। मजदूरों की सुविधा के लिए कार्य किया जा रहा है।