फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   Protests continue at the Chakkar Milk Plant; *kheer* made from two quintals of milk was prepared and distributed.

Mandi News: चक्कर मिल्क प्लांट के प्रदर्शन जारी, दो क्विंटल दूध की खीर बनाकर बांटी

Sun, 14 Jun 2026 12:30 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jun 2026 12:30 AM IST
विज्ञापन
Protests continue at the Chakkar Milk Plant; *kheer* made from two quintals of milk was prepared and distributed.
दूध की खरीद सीमा के विरोध में पशुपालकों का धरना जारी, सरकार को भेजेंगे चंदा
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
बैहना (मंडी)। दूध की खरीद सीमा तय करने, भुगतान व्यवस्था में बदलाव तथा महीने में चार दिन दूध की खरीद बंद रखने के फैसले के विरोध में चक्कर मिल्क प्लांट के बाहर पशुपालकों का धरना शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी पशुपालकों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराते हुए दो क्विंटल दूध की खीर बनाकर लोगों में वितरित की और सरकार को भेजने के लिए सांकेतिक चंदा भी एकत्र करना शुरू किया।
मंडी मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष अनिल जम्वाल ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा लगाए जा रहे मिल्क सेस के विरोध में सहयोग के प्रतीक स्वरूप पशुपालक 20-20 रुपये का चंदा एकत्र कर रहे हैं, जिसे बाद में सरकार को भेजा जाएगा ताकि उनकी समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया जा सके।धरने में शामिल कोटली निवासी सकीना ने बताया कि उनके परिवार की आजीविका पूरी तरह पशुपालन पर निर्भर है। उनके पास नौ गायें हैं और वे दूध बेचकर ही परिवार का खर्च चलाते हैं। उन्होंने कहा कि दूध खरीद सीमा 20 लीटर निर्धारित करने का निर्णय पशुपालकों के हितों के खिलाफ है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा और घर के खर्च के साथ-साथ माता के इलाज का खर्च उठाना भी मुश्किल हो जाएगा।
विज्ञापन

धरने पर बैठे देवदार निवासी धीरज, नाचन क्षेत्र की किलिंग पंचायत के राजेंद्र ठाकुर, प्रेम सिंह और दीपक ने कहा कि पशुपालन ही उनकी आय का मुख्य साधन है। उन्होंने सरकार से दूध खरीद पर लगाई गई पाबंदियां वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पशुपालकों का कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशभर के किसान बड़े स्तर पर सड़कों पर उतरेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed