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Mandi News: बिजली बोर्ड में पदों को खत्म करने का विरोध, ओपीएस के लिए किया प्रदर्शन

Tue, 29 Oct 2024 01:19 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Tue, 29 Oct 2024 01:19 AM IST
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Protest against abolition of posts in Electricity Board, demonstrated for OPS
जोगिंद्रनगर में प्रदर्शन करते कर्मचारी और पेंशनर। संवाद
मंडी। हिमाचल प्रदेश में विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों और पेंशनर्स ने सोमवार को अपनी मांगों के समर्थन में मंडी और जोगिंद्रनगर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन की राज्य कार्यकारिणी एवं ज्वाइंट फ्रंट विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम की मंडी यूनिट ने बिजली बोर्ड के मुख्य अभियंता के कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदेशाध्यक्ष एएस गुप्ता और अन्य पदाधिकारियों भी मौजूद रहे।
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धरने के दौरान पेंशनर्स ने बिजली बोर्ड में पदों को समाप्त करने और आउटसोर्स कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाने पर सरकार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना को बहाल न करने के विरोध में भी नारेबाजी की। पेंशनर्स ने सरकार से अपने फैसले को वापस लेने की अपील की और चेतावनी दी कि यदि ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल नहीं किया गया, तो वे अपने विरोध को और उग्र करेंगे।
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उधर, जोगिंद्रनगर में हिमाचल प्रदेश संयुक्त विद्युत बोर्ड यूनियन के राज्य उपाध्यक्ष ललित ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों के समाधान के लिए जल्द वार्ता नहीं बुलाई तो कर्मचारी प्रदेशभर में ब्लैकआउट करने के लिए मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि विद्युत बोर्ड के 50 हजार कर्मचारियों की मांगों का पूरा न होना और 29 हजार पेंशनरों को मिलने वाले वित्तीय लाभ का न मिलना गंभीर चिंता का विषय है।
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ललित ने कहा कि बताया कि 18 हजार स्थायी विद्युत कर्मचारी वर्तमान में सरकार और बोर्ड की नीतियों से प्रभावित हुए हैं। पुरानी पेंशन की बहाली न करना सरकार की उदासीनता का प्रमाण है। इसके अलावा, स्मार्ट मीटर लगाने के निर्णय का भी विरोध किया जा रहा है, जिसे कर्मचारी उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ डालने की मंशा से उठाया गया मानते हैं।


बस्सी पावर हाउस में भी नारेबाजी
बस्सी पावर हाउस, विद्युत डिविजन जोगिंद्रनगर और व्यास वैली कॉरपोरेशन की तीनों यूनियनों ने संयुक्त रूप से धरना-प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो प्रदेश में बिजली संकट उत्पन्न हो सकता है। यूनियन के सचिव विनोद कुमार ने बताया कि पिछले कई वर्षों से विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों को अपनी मांगों के लिए धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में बिजली बोर्ड के रिक्त पदों को भरने की बजाय, इंजीनियरों के पद भी खाली कर दिए गए हैं, जिससे कर्मचारियों की समस्याएं बढ़ रही हैं। अब 50 हजार कर्मचारी ब्लैकआउट के लिए भी तैयार हैं, यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं।
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