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Mandi News: मंडी नगर निगम में अब पुराने सर्वे के आधार पर जारी होंगे गृहकर बिल
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एजीसेक और शहरी विकास विभाग के विवाद के बाद स्पेशल हाउस में लिया गया बड़ा फैसला
2016 के सर्वे के तहत 13 वार्डों के 8,500 संपत्ति धारकों को भेजे जाएंगे बिल, रुकेगी वित्तीय क्षति
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के स्पेशल हाउस में शहरवासियों, खासकर मर्ज एरिया के लोगों को गृहकर के मामले में बड़ी राहत मिली है। निगम परिसर में आयोजित बैठक में अधिकारियों और पार्षदों की मौजूदगी में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एजीसेक एजेंसी की ओर से किए जा रहे सर्वे के पूरा न होने तक पुराने सर्वे के आधार पर ही गृहकर बिल जारी किए जाएंगे। इसके तहत अब वर्ष 2016 में पूर्व नगर परिषद के समय हुए सर्वे के अनुसार 13 वार्डों के लगभग 8,500 संपत्ति धारकों को बिल भेजे जाएंगे। इससे नए शामिल क्षेत्रों और बढ़ाए गए मकान के क्षेत्रफल पर फिलहाल अतिरिक्त कर का बोझ नहीं पड़ेगा।
दरअसल शहरी विकास विभाग और सर्वे करने वाली एजेंसी एजीसेक के बीच उपजे विवाद के कारण एजेंसी अचानक काम छोड़कर वापस चली गई जिससे शहर में चल रहा गृहकर सर्वे अधर में लटक गया। मंडी शहर की अनुमानित 15,000 संपत्तियों में से अब तक केवल 11,500 का ही सर्वे हो पाया था जिसमें से करीब 6,000 संपत्तियों के आंकड़े ही ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किए गए। ऑनलाइन किए गए डाटा में भी कई तरह की तकनीकी और व्यावहारिक त्रुटियां पाई गई हैं। यदि नगर निगम इस अधूरे और त्रुटिपूर्ण सर्वे को स्वीकार कर लेता तो इसका खामियाजा स्थानीय जनता के साथ खुद निगम को भी भुगतना पड़ता।
एजीसेक को इस सर्वेक्षण कार्य के लिए शहरी विकास विभाग की ओर से लगभग 35 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। सर्वे रुकने से जहां निगम की आय में होने वाली संभावित बढ़ोतरी पर अस्थायी विराम लग गया है वहीं निगम को भारी वित्तीय संकट से बचाने के लिए तुरंत पुराने ढर्रे पर बिल भेजने का रास्ता चुना गया। इसके अतिरिक्त स्पेशल हाउस की बैठक में नगर निगम की विभिन्न स्थानों पर स्थित करीब 380 दुकानों के लंबे समय से लंबित पड़े किराए की समयबद्ध वसूली पर भी चर्चा की गई।
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बाक्स
नगर निगम मंडी की ओर से स्पेशल हाउस में फैसला लिया गया है कि फिलहाल पूर्व नगर परिषद के समय हुए सर्वे के आधार पर ही गृहकर बिल जारी किए जाएंगे ताकि नई व्यवस्था से आम जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। -जितेंद्र शर्मा, उपमहापौर, नगर निगम मंडी।
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2016 के सर्वे के तहत 13 वार्डों के 8,500 संपत्ति धारकों को भेजे जाएंगे बिल, रुकेगी वित्तीय क्षति
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम मंडी के स्पेशल हाउस में शहरवासियों, खासकर मर्ज एरिया के लोगों को गृहकर के मामले में बड़ी राहत मिली है। निगम परिसर में आयोजित बैठक में अधिकारियों और पार्षदों की मौजूदगी में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एजीसेक एजेंसी की ओर से किए जा रहे सर्वे के पूरा न होने तक पुराने सर्वे के आधार पर ही गृहकर बिल जारी किए जाएंगे। इसके तहत अब वर्ष 2016 में पूर्व नगर परिषद के समय हुए सर्वे के अनुसार 13 वार्डों के लगभग 8,500 संपत्ति धारकों को बिल भेजे जाएंगे। इससे नए शामिल क्षेत्रों और बढ़ाए गए मकान के क्षेत्रफल पर फिलहाल अतिरिक्त कर का बोझ नहीं पड़ेगा।
दरअसल शहरी विकास विभाग और सर्वे करने वाली एजेंसी एजीसेक के बीच उपजे विवाद के कारण एजेंसी अचानक काम छोड़कर वापस चली गई जिससे शहर में चल रहा गृहकर सर्वे अधर में लटक गया। मंडी शहर की अनुमानित 15,000 संपत्तियों में से अब तक केवल 11,500 का ही सर्वे हो पाया था जिसमें से करीब 6,000 संपत्तियों के आंकड़े ही ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किए गए। ऑनलाइन किए गए डाटा में भी कई तरह की तकनीकी और व्यावहारिक त्रुटियां पाई गई हैं। यदि नगर निगम इस अधूरे और त्रुटिपूर्ण सर्वे को स्वीकार कर लेता तो इसका खामियाजा स्थानीय जनता के साथ खुद निगम को भी भुगतना पड़ता।
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एजीसेक को इस सर्वेक्षण कार्य के लिए शहरी विकास विभाग की ओर से लगभग 35 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। सर्वे रुकने से जहां निगम की आय में होने वाली संभावित बढ़ोतरी पर अस्थायी विराम लग गया है वहीं निगम को भारी वित्तीय संकट से बचाने के लिए तुरंत पुराने ढर्रे पर बिल भेजने का रास्ता चुना गया। इसके अतिरिक्त स्पेशल हाउस की बैठक में नगर निगम की विभिन्न स्थानों पर स्थित करीब 380 दुकानों के लंबे समय से लंबित पड़े किराए की समयबद्ध वसूली पर भी चर्चा की गई।
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नगर निगम मंडी की ओर से स्पेशल हाउस में फैसला लिया गया है कि फिलहाल पूर्व नगर परिषद के समय हुए सर्वे के आधार पर ही गृहकर बिल जारी किए जाएंगे ताकि नई व्यवस्था से आम जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। -जितेंद्र शर्मा, उपमहापौर, नगर निगम मंडी।