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Mandi News: बड़ा देव कमरुनाग के सरानाहुली मेले की तैयारियां पूरी
Thu, 12 Jun 2025 05:47 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 12 Jun 2025 05:47 AM IST
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दुल्हन की तरह सजाया गया बड़ा देव कमरूनाग का मंदिर। स्त्रोत- जागरूक पाठक
गोहर (मंडी)। मंडी जिला के प्रसिद्ध आस्था स्थल बड़ा देव कमरुनाग के सरानाहुली मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। देव संस्कृति से जुड़े इस ऐतिहासिक मेले का आयोजन 15 जून को आषाढ़ संक्रांति के पावन अवसर पर होगा। मेला तीन दिन चलेगा, जिसमें न केवल हिमाचल बल्कि बाहरी राज्यों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक और व्यापारी पहुंच रहे हैं।
सरानाहुली मेला धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और व्यापारिक गतिविधियों का संगम माना जाता है। इस बार मेला विशेष उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाएगा।
मेला स्थल पर दुकानें सजने लगी हैं । मेला दिवस यानी 15 जून को श्रद्धालु बड़ा देव कमरुनाग के मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और पवित्र झील में सोना, चांदी और सिक्कों की आहुति देंगे। मान्यता है कि यहां मन्नत मांगने से भक्तों की हर कामना पूरी होती है। यही कारण है कि श्रद्धालु इस अवसर पर झील में आस्था रूपी समर्पण करते हैं। मेले में पारंपरिक हस्तशिल्प, लोक कला, पहाड़ी व्यंजन और अन्य स्थानीय उत्पादों की दुकानों के साथ-साथ बच्चों के लिए झूले, खिलौने और मिठाइयों की दुकानें भी सजाई जा रही हैं। प्रदेश और बाहरी राज्यों से आए व्यापारी भी अपने-अपने स्टॉल लगाने लगे हैं।
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बड़ा देव कमरुनाग के गूर देवी सिंह ने बताया कि इस बार मेले में देवता शिल्हि लटोगली पधार रहे हैं। यह देव समागम श्रद्धालुओं और स्थानीयों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। दोनों देवताओं की भव्य पालकियां जब मेला स्थल पर पहुंचेंगी तो पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज और देव नृत्य वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देंगे।
वहीं, कार्यकारी एसडीएम गोहर स्मृतिका नेगी ने बताया कि मेले के लिए कानून-व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा, यातायात और पार्किंग की व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं।
पुलिस बल और मेडिकल टीमें मौके पर तैनात रहेंगी। मेला स्थल पर अस्थायी पुलिस चौकी भी स्थापित की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
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सरानाहुली मेला धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और व्यापारिक गतिविधियों का संगम माना जाता है। इस बार मेला विशेष उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाएगा।
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मेला स्थल पर दुकानें सजने लगी हैं । मेला दिवस यानी 15 जून को श्रद्धालु बड़ा देव कमरुनाग के मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और पवित्र झील में सोना, चांदी और सिक्कों की आहुति देंगे। मान्यता है कि यहां मन्नत मांगने से भक्तों की हर कामना पूरी होती है। यही कारण है कि श्रद्धालु इस अवसर पर झील में आस्था रूपी समर्पण करते हैं। मेले में पारंपरिक हस्तशिल्प, लोक कला, पहाड़ी व्यंजन और अन्य स्थानीय उत्पादों की दुकानों के साथ-साथ बच्चों के लिए झूले, खिलौने और मिठाइयों की दुकानें भी सजाई जा रही हैं। प्रदेश और बाहरी राज्यों से आए व्यापारी भी अपने-अपने स्टॉल लगाने लगे हैं।
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बड़ा देव कमरुनाग के गूर देवी सिंह ने बताया कि इस बार मेले में देवता शिल्हि लटोगली पधार रहे हैं। यह देव समागम श्रद्धालुओं और स्थानीयों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। दोनों देवताओं की भव्य पालकियां जब मेला स्थल पर पहुंचेंगी तो पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज और देव नृत्य वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देंगे।
वहीं, कार्यकारी एसडीएम गोहर स्मृतिका नेगी ने बताया कि मेले के लिए कानून-व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा, यातायात और पार्किंग की व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं।
पुलिस बल और मेडिकल टीमें मौके पर तैनात रहेंगी। मेला स्थल पर अस्थायी पुलिस चौकी भी स्थापित की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।