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Mandi News: 60 टिपर पत्थर और 15 टीएम कंक्रीट डाला, फिर भी नहीं भर सका गड्ढा
Sun, 22 Sep 2024 12:57 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sun, 22 Sep 2024 12:57 PM IST
सार
मंडी जिले के पंडोह के पास डयोड क्षेत्र में निर्माणाधीन टनल के ऊपर सड़क धंसने से बने विशाल गड्ढे को भरने का कार्य जारी है।
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डयोड में निर्माणाधीन टनल के ऊपर सड़क पर बना गड्ढा जिसे भरने का प्रयास किया जा रहा है।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मंडी जिले के पंडोह के पास डयोड क्षेत्र में निर्माणाधीन टनल के ऊपर सड़क धंसने से बने विशाल गड्ढे को भरने का कार्य जारी है। अब तक 60 टिपर पत्थर और 15 ट्रांजिट मिक्सचर (टीएम) कंक्रीट इस गड्ढे में डाले जा चुके हैं, लेकिन यह अभी तक पूरी तरह नहीं भर पाया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
शाहपुरजी-पलौनजी कंपनी ने 19 सितंबर की शाम से इस गड्ढे को भरने का काम शुरू किया था। हालांकि रात में संकरी सड़क और अन्य चुनौतियों के कारण काम केवल दिन में ही किया जा रहा है। संकरी सड़क होने के कारण बड़े टिपरों के स्थान पर छोटे टिपरों का उपयोग किया जा रहा है। गड्ढे का आकार लगातार बढ़ रहा है, जिससे खतरा और भी गंभीर होता जा रहा है। सड़क धंसने के कारण पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। इलाके में स्थित सरकारी स्कूल और आठ परिवारों को अपने घर खाली कर किराये के मकानों में शरण लेनी पड़ी है। स्कूल और घरों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जो क्षेत्र को बेहद संवेदनशील बना रही हैं। ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन से स्थायी समाधान करने की मांग की है। शाहपुरजी-पलौनजी कंपनी के टीम लीडर आदर्श पन्होत्रा ने कहा कि गड्ढे को पूरी तरह भरने में लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है।
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शाहपुरजी-पलौनजी कंपनी ने 19 सितंबर की शाम से इस गड्ढे को भरने का काम शुरू किया था। हालांकि रात में संकरी सड़क और अन्य चुनौतियों के कारण काम केवल दिन में ही किया जा रहा है। संकरी सड़क होने के कारण बड़े टिपरों के स्थान पर छोटे टिपरों का उपयोग किया जा रहा है। गड्ढे का आकार लगातार बढ़ रहा है, जिससे खतरा और भी गंभीर होता जा रहा है। सड़क धंसने के कारण पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। इलाके में स्थित सरकारी स्कूल और आठ परिवारों को अपने घर खाली कर किराये के मकानों में शरण लेनी पड़ी है। स्कूल और घरों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जो क्षेत्र को बेहद संवेदनशील बना रही हैं। ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन से स्थायी समाधान करने की मांग की है। शाहपुरजी-पलौनजी कंपनी के टीम लीडर आदर्श पन्होत्रा ने कहा कि गड्ढे को पूरी तरह भरने में लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है।
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एनएचएआई की लापरवाही से धंस रही टनल : विधायक
द्रंग से भाजपा के विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने आरोप लगाया है कि डयोड में टनल के ऊपर जमीन धंसने का कारण एनएचएआई की लापरवाही है। एनएचएआई ने गांव के नीचे से निर्माणाधीन टनल की खोदाई करने के बाद उसकी कंक्रीटिंग का काम बंद कर दिया है। यह आरोप उन्होंने शनिवार को डयोड गांव का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए लगाए।
जमीन किन्हीं और कारणों से धंसी : एनएचएआई
एनएचएआई के परियोजना निदेशक वरुण चारी ने भाजपा विधायक के आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि अभी तक इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिला है कि डयोड गांव में पड़ा गड्ढा टनल निर्माण के कारण ही है। यह जमीन किन्हीं और कारणों से धंसी है। गड्ढे को भरने का कार्य शुरू कर दिया गया है। एनएचएआई अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन कर रहा है।
द्रंग से भाजपा के विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने आरोप लगाया है कि डयोड में टनल के ऊपर जमीन धंसने का कारण एनएचएआई की लापरवाही है। एनएचएआई ने गांव के नीचे से निर्माणाधीन टनल की खोदाई करने के बाद उसकी कंक्रीटिंग का काम बंद कर दिया है। यह आरोप उन्होंने शनिवार को डयोड गांव का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए लगाए।
जमीन किन्हीं और कारणों से धंसी : एनएचएआई
एनएचएआई के परियोजना निदेशक वरुण चारी ने भाजपा विधायक के आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि अभी तक इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिला है कि डयोड गांव में पड़ा गड्ढा टनल निर्माण के कारण ही है। यह जमीन किन्हीं और कारणों से धंसी है। गड्ढे को भरने का कार्य शुरू कर दिया गया है। एनएचएआई अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन कर रहा है।